
उदित वाणी, जमशेदपुर: राज्य सरकार की पहल पर पुलिसिंग व्यवस्था को आधुनिक और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से नए वाहनों का वितरण किया गया है. इसी क्रम में जमशेदपुर पुलिस को 51 नई बोलेरो और 89 मोटरसाइकिलें (कुल 140 नए वाहन) उपलब्ध कराई गई हैं.
सभी वाहन गोलमुरी स्थित पुलिस लाइन पहुंच चुके हैं और जल्द ही इन्हें जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा, जिससे गश्ती व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके.
सीधे ‘डायल 112 से जुड़े हैं वाहन
पुलिस बेड़े में शामिल किए गए ये नए बोलेरो पेट्रोलिंग वाहन पारंपरिक गश्त से कहीं आगे बढ़कर काम करेंगे। ये वाहन सीधे ‘डायल 112’ (इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम) से जुड़े हैं, जिससे किसी भी घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी। इन वाहनों में GPS ट्रैकिंग, अत्याधुनिक वायरलेस सेट और मोबाइल डेटा टर्मिनल (MDT) टैबलेट जैसे आधुनिक उपकरण लगाए गए हैं, ताकि राज्य कमांड सेंटर से इनकी रियल-टाइम लोकेशन ट्रैक की जा सके और अपराध स्थल के सबसे नजदीकी वाहन को तुरंत मौके पर भेजा जा सके। अपनी मजबूती और दुर्गम रास्तों पर चलने की बेजोड़ क्षमता के कारण ही, बोलेरो को विशेष रूप से झारखंड के उबड़-खाबड़ ग्रामीण और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लिए चुना गया है।
वर्तमान में अधिकांश जिलों में पुलिस के पास मौजूद वाहन या तो काफी पुराने हो चुके हैं या ठीक से काम नहीं कर रहे हैं।
जमशेदपुर पुलिस को मिली 89 मोटरसाइकिलें – TVS Apache अपनी गति और शहरी इलाकों में फुर्ती के लिए जानी जाती है। पुलिस पेट्रोलिंग के लिए एक मानक विश्वसनीय बाइक है।
संवेदनशील इलाकों में होगी प्राथमिक तैनाती
फिलहाल सभी वाहन गोलमुरी पुलिस लाइन में रखे गए हैं. जल्द ही इनका आवंटन विभिन्न थाना क्षेत्रों में किया जाएगा.
आवंटन से पहले पुलिस प्रशासन निम्न बिंदुओं का आकलन करेगा:
• क्षेत्र में अपराध की संवेदनशीलता
• थाना क्षेत्र का भौगोलिक विस्तार
• गश्ती व्यवस्था की वर्तमान स्थिति
जिन क्षेत्रों में अपराध की घटनाएं अपेक्षाकृत अधिक हैं, वहां प्राथमिकता के आधार पर वाहन भेजे जाएंगे.
पेट्रोलिंग और त्वरित कार्रवाई होगी आसान
नए वाहनों के शामिल होने से पुलिस की गश्ती क्षमता में महत्वपूर्ण सुधार होने की संभावना है.
• बोलेरो वाहन दिन और रात दोनों समय गश्ती दल को मजबूती देंगे.
• मोटरसाइकिलें संकरी गलियों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में त्वरित पहुंच बनाने में मदद करेंगी.
• गोल्डन ऑवर रिस्पांस: किसी भी आपात स्थिति में पुलिस ‘गोल्डन ऑवर’ (महत्वपूर्ण शुरुआती समय) के भीतर नागरिकों तक पहुंचे
• नए वाहनों से नक्सल प्रभावित और दूरदराज के इलाकों में पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया टीम (QRT) को लाभ होगा
पुराने वाहनों से जूझ रही थी पुलिस
जिले में लंबे समय से नए वाहनों की मांग की जा रही थी, क्योंकि कई थाना क्षेत्रों में आज भी लगभग 20 वर्ष पुराने और जर्जर वाहन उपयोग में लाए जा रहे थे. इन पुराने वाहनों के कारण पुलिस को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता था. कई बार अपराधियों का पीछा करने में कठिनाई होती थी, वहीं किसी घटना की सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई करने में भी देरी हो जाती थी. इसके अलावा तकनीकी खराबी के कारण गश्ती वाहन कई बार रास्ते में ही बंद हो जाते थे, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली प्रभावित होती थी. ऐसे में नए वाहनों के शामिल होने से इन समस्याओं में काफी हद तक कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है.
अपराध नियंत्रण में मिलेगी मदद
फिलहाल नए वाहनों के शामिल होने से जमशेदपुर पुलिस की गश्ती व्यवस्था में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है. इससे अपराध नियंत्रण में सुधार होगा और आपात स्थिति में पुलिस की त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी. साथ ही कानून-व्यवस्था बनाए रखने में भी पुलिस को मजबूती मिलेगी. पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इन संसाधनों के जुड़ने से शहर की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सकेगा.
राज्य स्तर पर पुलिस को मिले 1477 वाहन
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 13 मार्च 2026 को रांची स्थित झारखंड विधानसभा परिसर में आयोजित एक समारोह के दौरान राज्य पुलिस के लिए कुल 1477 नए वाहनों – (628 बोलेरो + 849 मोटरसाइकिल) मोटरसाइकिलें को हरी झंडी दी. इस योजना के तहत जमशेदपुर (पूर्वी सिंहभूम) जिला पुलिस को भी नए वाहन उपलब्ध कराए गए हैं:

