
उदित वाणी, जमशेदपुर : टाटानगर और आसपास के रेलखंडों में ट्रेनों के लगातार विलंब से चलने और यात्रियों को होने वाली भारी परेशानियों को लेकर सोमवार को रेल यात्री संघर्ष समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। केबुल टाउन स्थित कार्यालय में हुई इस बैठक की अध्यक्षता समिति के संयोजक शिव शंकर सिंह ने की। इस बैठक में मुख्य रूप से जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय उपस्थित रहे और उन्होंने रेल यात्रियों से जुड़ी समस्याओं पर गहन चर्चा की।
लोकल रेलखंडों में समय पालन की स्थिति खराब, वादे के बाद भी नहीं हुआ सुधार
बैठक के दौरान पिछले कई महीनों के रेलवे परिचालन और ट्रेनों के समय पालन (Punctuality) की विस्तृत समीक्षा की गई। समिति ने माना कि दक्षिण पूर्व रेलवे (SER) के महाप्रबंधक द्वारा पूर्व में दिए गए आश्वासनों के बाद रेलवे परिचालन में कुछ हद तक सुधार जरूर हुआ है, जिस पर समिति ने संतोष व्यक्त किया।
हालांकि, समिति ने इस बात पर गहरी चिंता जताई कि प्रमुख स्थानीय रेलखंडों जैसे:
टाटानगर-चाईबासा
टाटानगर-चक्रधरपुर
टाटानगर-खड़गपुर
इन रेलखंडों में ट्रेनों के समय पर संचालन में जैसा अपेक्षित सुधार होना चाहिए था, वैसा अब तक नहीं हो सका है।
प्रारंभिक स्टेशनों से ही लेट खुल रही हैं गाड़ियां, मेमू ट्रेनें भी हुईं प्रभावित
बैठक में यह गंभीर मुद्दा उठाया गया कि हावड़ा एवं संतरागाछी जैसे बड़े और प्रारंभिक स्टेशनों से ही कई ट्रेनें आधे घंटे से लेकर एक घंटे तक की देरी से रवाना हो रही हैं। हद तो तब हो जाती है जब खड़गपुर स्टेशन पार करने के बाद इन ट्रेनों की लेटलतीफी और ज्यादा बढ़ जाती है। इसके अलावा, पिछले कुछ समय से आम यात्रियों की लाइफलाइन मानी जाने वाली मेमू (MEMU) ट्रेनों के संचालन में भी अनावश्यक विलंब देखा जा रहा है, जिससे दैनिक यात्रियों को परेशानी हो रही है।
गीतांजलि और मुंबई-हावड़ा मेल जैसी लंबी दूरी की ट्रेनें बन रहीं यात्रियों के लिए आफत
समिति के पदाधिकारियों ने आंकड़ों के साथ बताया कि बिलासपुर मंडल से जितनी देरी के साथ ट्रेनें चक्रधरपुर मंडल को हैंडओवर की जाती हैं, चक्रधरपुर मंडल में आने के बाद वे कई मामलों में उससे भी ज्यादा विलंबित (लेट) हो जाती हैं।
लगातार लेट चलने वाली प्रमुख ट्रेनों के उदाहरण:
सीएसटी-हावड़ा मेल (CST-Howrah Mail)
हावड़ा-शालीमार ट्रेनें
गीतांजलि एक्सप्रेस (Gitanjali Express)
हावड़ा-अहमदाबाद एक्सप्रेस (Howrah-Ahmedabad Express)
इन प्रमुख और प्रीमियम ट्रेनों के लगातार लेट चलने से जमशेदपुर और आसपास के क्षेत्रों के रेल यात्रियों को मानसिक और शारीरिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
महाप्रबंधक को लिखा जाएगा पत्र, कोरोना काल से पहले जैसी समयबद्धता की मांग
रेल यात्री संघर्ष समिति ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि इन सभी समस्याओं और यात्री सुझावों को लेकर दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक (GM) को एक आधिकारिक पत्र भेजा जाएगा। पत्र के माध्यम से मांग की जाएगी कि रेलवे परिचालन को कोरोना काल से पूर्व की तरह पूरी तरह समयबद्ध, सटीक और यात्री-अनुकूल बनाया जाए।
इस दौरान विधायक सरयू राय ने कहा रेल यात्रियों की जायज समस्याओं के समाधान और ट्रेनों के राइट टाइम संचालन को लेकर हमारा निरंतर प्रयास जारी रहेगा। रेलवे प्रशासन को माल ढुलाई के साथ-साथ यात्री सुविधाओं और उनके समय की कीमत को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए।” इस आवश्यक बैठक में अजय कुमार, नीरज सिंह, सतीश सिंह, अमित शर्मा एवं शुभम सहित रेल यात्री संघर्ष समिति के अन्य सम्मानित सदस्य मुख्य रूप से उपस्थित थे।

