
उदित वाणी, जमशेदपुर : अहमदाबाद-हावड़ा एक्सप्रेस की लीज पार्सल बोगी में निर्धारित बुकिंग से कई गुना अधिक वजन का सामान भेजे जाने का मामला उजागर हुआ है। टाटानगर स्टेशन पर पार्सल उतारने के दौरान हुई जांच में भारी अनियमितता सामने आने के बाद रेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार, पार्सल की बुकिंग महज 170 किलो वजन के लिए की गई थी, लेकिन टाटानगर स्टेशन पर सामान उतारते समय स्थिति संदिग्ध लगी। बुकिंग दस्तावेज में 17 पैकेट दर्ज थे, जबकि व्यापारी के प्रतिनिधियों ने 33 पैकेट उतारना शुरू कर दिया। इस पर पार्सल विभाग के कर्मचारियों ने सभी पैकेटों की दोबारा जांच और वजन कराया।
जांच में पता चला कि बोगी में कुल 2035 किलो सामान लोड किया गया था। यानी करीब 1865 किलो अतिरिक्त पार्सल बिना वैध बुकिंग के भेजा गया। इस खुलासे के बाद रेलवे अधिकारियों ने तत्काल मामले की सूचना चक्रधरपुर मंडल मुख्यालय को भेज दी।
मामले का एक और अहम पहलू यह है कि पार्सल की बुकिंग हावड़ा तक के लिए की गई थी, लेकिन बीच रास्ते में टाटानगर स्टेशन पर सामान उतारा गया। इससे यह सवाल भी खड़ा हो गया है कि आखिर व्यापारी ने निर्धारित गंतव्य से पहले पार्सल उतरवाने की कोशिश क्यों की और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।
रेलवे सूत्रों का कहना है कि पूरे प्रकरण में अहमदाबाद, टाटानगर और हावड़ा के संबंधित कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी। आशंका है कि बिना मिलीभगत के इतनी बड़ी मात्रा में अतिरिक्त वजन का सामान बोगी में लोड करना संभव नहीं है।
चक्रधरपुर रेल मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (सीनियर डीसीएम) आदित्य चौधरी ने कहा कि मामले की विस्तृत जांच कराई जाएगी। यदि वजन और बुकिंग में गड़बड़ी की पुष्टि होती है तो दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि इससे पहले भी दक्षिण पूर्व रेलवे की विजिलेंस टीम कई ट्रेनों की लीज बोगियों में क्षमता से अधिक वजन लोड करने और बुकिंग में अनियमितता के मामलों का खुलासा कर चुकी है, जिनमें जुर्माना और विभागीय कार्रवाई भी की गई थी। इस ताजा मामले ने एक बार फिर पार्सल संचालन व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

