
उदित वाणी, जमशेदपुर: जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित माइकल जॉन ऑडिटोरियम में झारखंड सरकार के सिविल डिफेंस विभाग द्वारा “रोल ऑफ यूथ इन डिज़ास्टर” पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों, स्वयंसेवी संगठनों और सिविल डिफेंस के विशेषज्ञों ने भाग लिया और युवाओं को आपदा प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया.
युवाओं को आपदा प्रबंधन के लिए तैयार किया गया
इस संगोष्ठी का उद्देश्य युवाओं को आपदा प्रबंधन के महत्व से परिचित कराना था. उन्हें बताया गया कि आपातकालीन स्थितियों में उनकी भूमिका कितनी अहम होती है. डीडीसी अनिकेत सचान और धालभूम एसडीओ शताब्दी मजूमदार कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे. डीडीसी अनिकेत सचान ने अपने संबोधन में कहा कि आपदा के दौरान युवाओं की भूमिका अत्यधिक प्रभावी होती है, क्योंकि उनके पास साहस, ऊर्जा और तकनीकी समझ होती है.
आपदा प्रबंधन में आधुनिक तकनीकों का उपयोग
कार्यक्रम के दौरान युवाओं को यह बताया गया कि वे किस प्रकार प्रशासन और राहत टीमों की मदद कर सकते हैं. साथ ही, उन्हें आधुनिक तकनीकों के उपयोग के बारे में भी जानकारी दी गई, जिनसे बचाव कार्यों को अधिक प्रभावी और त्वरित तरीके से किया जा सकता है.
संगोष्ठी का उद्देश्य और भविष्य की दिशा
यह संगोष्ठी एक महत्वपूर्ण कदम था, जिससे युवाओं को आपदा प्रबंधन में उनके कर्तव्यों और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक किया गया. भविष्य में इस तरह के कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को और अधिक प्रशिक्षित किया जाएगा ताकि वे किसी भी आपदा के दौरान अधिक प्रभावी ढंग से कार्य कर सकें.

