उदित वाणी, जमशेदपुर: जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), जमशेदपुर के तत्वाधान में रविवार को सेन्ट्रल जेल घाघीडीह परिसर में एक विशेष जेल अदालत का आयोजन किया गया। इस जेल अदालत में मुख्य रूप से व्यवहार न्यायालय के (ACJM) अजय कुमार गुरीया, डालसा सचिव कुमार सौरभ त्रिपाठी, लीगल एड कौंसिल के चीफ विदेश सिन्हा और सहायक सदस्य राजेश श्रीवास्तव विशेष रूप से उपस्थित रहे।
दो मामलों की हुई सुनवाई, दोनों रहे अनसेटल
आयोजित की गई इस जेल अदालत के दौरान कुल दो पुराने मुकदमों (केसों) पर गहन सुनवाई की गई। हालांकि, तकनीकी और अन्य कारणों से ये दोनों ही केस इस बार ‘अन्सेटल’ (अनिर्णित) रहे। आपसी सहमति या विधिक आधार न बन पाने के कारण इस जेल अदालत में एक भी केस का निष्पादन (निपटारा) नहीं हो पाया।
कैदियों के अधिकारों पर कानूनी जागरूकता और मेडिकल कैंप का भी आयोजन
जेल अदालत की कार्यवाही संपन्न होने के साथ-साथ जेल के बंदियों के लिए एक विशेष कानूनी जागरूकता कार्यक्रम एवं मेडिकल कैंप भी आयोजित किया गया। इस दौरान उपस्थित न्यायिक पदाधिकारियों ने कैदियों को उनके कानूनी अधिकारों की विस्तार से जानकारी दी। इसके साथ ही, पदाधिकारियों ने कैदियों के रहन-सहन, खान-पान की व्यवस्था का जायजा लिया और उनकी विभिन्न प्रशासनिक व कानूनी समस्याओं को बेहद गंभीरता से सुना।
जेल सुपरिटेंडेंट और जेलर की सार्थक भूमिका के बीच हुआ स्वास्थ्य परीक्षण
जागरूकता कार्यक्रम के समानांतर ही जेल में कैदियों के लिए एक विशेष मेडिकल कैंप भी लगाया गया। इस शिविर में आई विधिक सेवा प्राधिकार की मेडिकल टीम द्वारा सभी कैदियों के स्वास्थ्य की गहन जांच की गई और उन्हें जरूरी चिकित्सकीय परामर्श दिए गए। इस पूरे विधिक व मानवीय आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में घाघीडीह जेल के सुपरिटेंडेंट (जेल अधीक्षक), जेलर सहित समस्त जेल प्रशासन की भूमिका बेहद सार्थक और सराहनीय रही।


