उदित वाणी, जमशेदपुर: जमशेदपुर शहर के उलीडीह थाना क्षेत्र में हुए सनसनीखेज विकास सिंह हत्याकांड की गुत्थी को पुलिस ने पूरी तरह से सुलझा लिया है। इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान उलीडीह क्षेत्र के ही रहने वाले सूरज कुटिया और राजू कुंभकार के रूप में हुई है।
पुरानी रंजिश में वारदात: नशा करने के बहाने बुलाया और कर दी हत्या
सोमवार को मामले का खुलासा करते हुए जमशेदपुर के एसएसपी (SSP) पीयूष पांडेय ने बताया कि शंकोसाईं रोड नंबर-2 निवासी विकास सिंह की हत्या किसी तात्कालिक विवाद में नहीं, बल्कि गहरी पुरानी रंजिश के कारण की गई थी। योजना के तहत आरोपियों ने विकास सिंह को पहले नशा करने के बहाने अपने पास बुलाया। इसके बाद वे उसे उलीडीह के आदिवासी क्लब के पास ले गए, जहां पहले से घात लगाए आरोपियों ने चाकू और लोहे के रॉड से ताबड़तोड़ हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया।
मौसेरे भाई की हत्या का बदला लेना चाहता था आरोपी
पुलिस की गहन जांच और पूछताछ में यह बात सामने आई कि आरोपी राजू कुंभकार अपने मौसेरे भाई सौरभ शर्मा उर्फ पवन की हत्या का बदला लेना चाहता था। दरअसल, करीब एक साल पहले सौरभ शर्मा की हत्या हुई थी, जिसमें मृतक विकास सिंह के छोटे भाई विक्की सिंह का नाम मुख्य रूप से सामने आया था। उस मामले में विक्की सिंह जेल भी गया था और हाल ही में जमानत पर जेल से बाहर आया है।
भाई तक नहीं पहुंच पाए, तो बड़े भाई को बनाया निशाना
एसएसपी के अनुसार, राजू कुंभकार अपने मौसेरे भाई की मौत का बदला विक्की सिंह से लेना चाहता था, लेकिन उस तक पहुंच पाना उसके लिए मुमकिन नहीं हो पा रहा था। विक्की तक न पहुंच पाने की हताशा में राजू ने उसके बड़े भाई विकास सिंह को ही अपना आसान निशाना बनाने की खौफनाक साजिश रची। इस काम के लिए उसने अपने दोस्त सूरज कुटिया को साथ मिलाया और दोनों ने मिलकर हत्या की इस पूरी वारदात को अंजाम दे डाला।
हत्या में प्रयुक्त हथियार बरामद, आरोपी भेजे गए जेल
विकास सिंह की हत्या की इस वारदात के बाद पुलिस ने एक विशेष टीम बनाकर मामले की तफ्तीश शुरू की। अंततः पुलिस ने एक गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर दोनों आरोपियों (सूरज कुटिया और राजू कुंभकार) को धर दबोचा। पुलिसिया पूछताछ में दोनों ने विकास की हत्या में अपनी संलिप्तता पूरी तरह स्वीकार कर ली है। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल किए गए जानलेवा हथियार भी बरामद कर लिए हैं। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।


