उदित वाणी, जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिले में आत्महत्या की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं. हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि अब किशोर और स्कूली बच्चे भी मानसिक तनाव में आकर अपनी जीवन लीला समाप्त करने लगे हैं. मंगलवार को जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दो किशोर समेत तीन लोगों ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. पुलिस सभी मामलों की जांच में जुटी हुई है.
पहली घटना मानगो थाना क्षेत्र के दाईगुट्टू स्थित कृष्णा रोड की है, जहां 52 वर्षीय रीता सिंह ने अपने घर में दुपट्टे के सहारे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. घटना सोमवार दोपहर की बतायी जा रही है. परिजनों के अनुसार दोपहर में खाना खाने के बाद घर के सभी सदस्य अपने-अपने कमरे में चले गये थे. इसी दौरान रीता सिंह ने कमरे में पंखे से लटककर जान दे दी.
काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर परिजनों को शक हुआ. दरवाजा खोलने पर वह फंदे से झूलती मिलीं. आनन-फानन में उन्हें टीएमएच ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया. मृतका के पति ने बताया कि जनवरी महीने में बेटी की शादी हुई थी, जबकि बेटा नशे की लत का शिकार था. बेटे की स्थिति को लेकर वह लंबे समय से मानसिक तनाव में थीं.
दूसरी घटना गोविंदपुर थाना क्षेत्र के केसीकुदर की है. यहां 17 वर्षीय चैतन्य सिंह ने घर के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. बताया जाता है कि घटना के समय परिवार के सदस्य एक पार्टी में शामिल होने गये थे और चैतन्य घर पर अकेला था. लौटने पर परिजनों ने उसे फंदे से झूलता पाया, जिसके बाद घर में कोहराम मच गया. सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. चैतन्य वीणापाणी हाई स्कूल, लुआबासा में नौवीं कक्षा का छात्र था. उसने यह कदम क्यों उठाया, इसका स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है.
तीसरी घटना बोड़ाम थाना क्षेत्र के पहाड़पुर गांव की है. यहां 16 वर्षीय वैद्यनाथ बेसरा का शव गांव से करीब 500 मीटर दूर जंगल में पेड़ से लटका मिला. परिजनों के अनुसार वह 10 मई की शाम मेला जाने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा. अगले दिन ग्रामीणों ने जंगल में उसका शव देखा. घटना के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.


