उदित वाणी जमशेदपुर : जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय के जनसुविधा प्रतिनिधि मुकुल मिश्रा ने पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त (DC) को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (जेएनएसी – JNAC) द्वारा शहर के बड़े नालों की सफाई कार्य में घोर अनियमितता बरतने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने उपायुक्त से इस पूरे मामले की जांच किसी सक्षम पदाधिकारी से कराने की मांग की है।
टेंडर 30 मजदूरों का, काम पर लग रहे आधे से भी कम
मुकुल मिश्रा ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि जेएनएसी द्वारा प्रत्येक वर्ष बरसात शुरू होने से पहले बड़े नाले-नालों की सफाई कराई जाती है। इस बार भी मानसून से पूर्व कदमा एवं सोनारी के बड़े नालों की सफाई का काम प्रारंभ किया गया है। उनके अनुसार, नालों की सफाई के लिए निविदा (टेंडर) प्रक्रिया के तहत 30 मजदूरों की व्यवस्था की गई है, लेकिन जेएनएसी द्वारा मौके पर तय संख्या से काफी कम मजदूर लगाए जा रहे हैं।
तारीखवार कमियों का खुलासा:
मिश्रा ने पत्र में आंकड़ों के साथ जेएनएसी की लापरवाही को उजागर किया है: 01 और 02 जून (सोनारी क्षेत्र): जेएनएसी द्वारा सफाई कार्य में 30 की जगह मात्र 17 मजदूरों को लगाया गया था। 03 और 04 जून (कदमा क्षेत्र): यहाँ भी लापरवाही बरतते हुए मात्र 19 मजदूरों से काम लिया गया।
बारिश हुई तो कदमा-सोनारी में आएगी बाढ़, जेएनएसी होगा जिम्मेदार
मुकुल मिश्रा के अनुसार, फिलहाल सोनारी क्षेत्र में नालों की सफाई का कार्य पूरी तरह से बंद है। दूसरी ओर, मौसम विभाग ने शहर में शीघ्र ही बारिश होने की संभावना (पूर्वानुमान) जताई है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा: यदि मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार बारिश होती है, तो सोनारी और कदमा के निचले इलाकों में भारी जल-जमाव हो जाएगा और बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाएगी। ऐसी परिस्थिति में जनता को होने वाली परेशानी की संपूर्ण जिम्मेदारी जमशेदपुर अक्षेस (JNAC) की होगी।”
उप नगर आयुक्त के रवैये पर उठाए सवाल
विधायक प्रतिनिधि ने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि जेएनएसी के उप नगर आयुक्त का रवैया इस गंभीर जनसमस्या के प्रति बेहद उदासीन है। विभाग द्वारा तय किए गए 30 मजदूरों से कम संख्या में मैनपावर लगाने के कारण बड़े नालों की सफाई का कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। मौजूदा रफ्तार को देखते हुए समय पर सफाई कार्य पूर्ण होने की कोई संभावना नहीं दिख रही है। इसी वजह से उन्होंने उपायुक्त से हस्तक्षेप करते हुए इस कथित घोटाले और लापरवाही की त्वरित जांच कराने की पुरजोर मांग की है।


