
अत्याधुनिक सुविधा और संसाधनों से लैस शांति कुटीर में गोयठे और लकड़ी से होगा दाह संस्कार
उदित वाणी, जमशेदपुर: पार्वती श्मशान घाट में शांति कुटीर नाम के नए फर्नेस को शहरवासियों को सुपुर्द कर दिया गया है. प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए लकड़ी और गोयठे से शव का दाह संस्कार करने के लिए 50 लाख की लागत से इस शांति कुटीर का निर्माण किया गया है जिसका विधिवत आज उद्घाटन किया गया.
पार्वती श्मशान घाट कमेटी द्वारा बढ़ते प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए अपने आप में एक अनोखा फर्नेस मशीन पार्वती श्मशान घाट में लगाया गया है जिसका शुभारंभ कमेटी के लोगों ने विधिवत पूजा अर्चना कर किया गया. यह सुविधा दाह संस्कार की प्रक्रिया को आरामदायक, कुशल, कम घुटन और पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से शहरवासियों को प्रदान किया जा रहा है.
धुंए और प्रदूषण को कम करने के उद्देश्य से स्क्रबर और 30 मीटर ऊंची चिमनी सहित संपूर्ण प्रदूषणरोधी प्रणाली स्थापित की गई है. इस फर्नेस मशीन में एक साथ दो शव का दाह संस्कार होगा वह भी काफी तीव्र गति से साथी ही किसी तरह की कोई प्रदूषण वायु में ना फैले इसका पूरा ध्यान रखा गया है.
पार्वती श्मशान घाट के सचिव ने बताया कि 50 लाख की लागत से इस मशीन को बनाया गया है इसे इस प्रकार से बनाया गया है कि प्रदूषण युक्त वायु को पानी में छानकर फिल्टर धुंए को आकाश में 30 मीटर की ऊंचाई पर चिमनी के माध्यम से वायु में छोड़ा जाए ताकि वायु प्रदूषण ना हो साथ ही शव को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन मिले और जल्द से जल्द दाह संस्कार हो जाए.
इसे ध्यान में रखकर इसका निर्माण किया गया है. उन्होंने कहा कि गोयठे और लकड़ी दोनों से इस फर्नेश मशीन से दाह संस्कार होगा.


