उदित वाणी रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने चुनाव आचार संहिता उल्लंघन के मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट में अधिवक्ता के माध्यम से अपना पक्ष रखा. यद्यपि अदालत द्वारा मुख्यमंत्री को सशरीर उपस्थित होने का आदेश दिया गया था. लेकिन उनके द्वारा अदालत में सशरीर उपस्थिति से छूट देने को लेकर आवेदन दाखिल किया गया. इस मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट के न्यायिक दंडाधिकारी अनामिका किस्कू की अदालत में मंगलवार को आंशिक सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान एपीपी पुष्पा सिन्हा ने मामले में जवाब दाखिल करने के लिए समय देने का आग्रह किया. इसके बाद अदालत द्वारा अगली सुनवाई की तिथि 22 जून को निर्धारित की गई तथा 22 जून को ही अब यह तय होगा कि इस मामले में मुख्यमंत्री सोरेन सशरीर कोर्ट में पेश होंगे या अधिवक्ता के माध्यम से उनकी उपस्थिति दर्ज होगी. ज्ञात हो कि लोकसभा चुनाव 2019 में मतदान के दौरान छह मई को संत फ्रांसिस स्कूल हरमू स्थित बूथ नम्बर 388 में हेमंत सोरेन अपनी पत्नी के साथ वोट डालने गये थे. इस दौरान उन्होंने अपने गले में पार्टी का पट्टा लटका रखा था. जिसको लेकर हेमंत सोरेन के खिलाफ कार्यपालक दंडाधिकारी राकेश रंजन उरांव ने अरगोड़ा थाना में जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई है. इस मामले में चार्जशीट दाखिल होने के बाद अदालत ने हेमंत सोरेन को उपस्थित होने के लिए समन भेजा था.
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