
उदित वाणी, गिरिडीह : गिरिडीह सदर अस्पताल एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में है। शहर के न्यू बरगंडा निवासी सुनील कुमार की इलाज के दौरान मौत के बाद अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा हुआ। मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि समय पर ऑक्सीजन और बेहतर उपचार मिलता तो सुनील की जान बच सकती थी।
परिजनों के अनुसार शुक्रवार को अचानक तबीयत बिगड़ने पर सुनील कुमार को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लेकिन अस्पताल में भर्ती होने के बाद उनकी हालत लगातार बिगड़ती रही। आरोप है कि सांस लेने में तकलीफ बढ़ने के बावजूद उन्हें ऑक्सीजन नहीं दिया गया और ICU में बेड खाली होने के बावजूद वहां शिफ्ट नहीं किया गया।
मृतक के छोटे भाई पुनिल कुमार ने बताया कि जब मरीज की हालत नाजुक हो गई तो ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर को बुलाया गया, लेकिन डॉक्टर ने वार्ड में आने के बजाय मरीज को खुद उनके पास लाने की बात कही। इसी बीच सुनील कुमार ने दम तोड़ दिया।
मौत की खबर मिलते ही परिजनों और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में लोग अस्पताल पहुंच गए और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में जोरदार हंगामा किया। कुछ देर के लिए अस्पताल का माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया।
सूचना मिलने पर नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। नगर थाना प्रभारी रतन कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और शिकायत के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
अब बड़ा सवाल यह है कि यदि मरीज की हालत गंभीर थी तो समय पर ऑक्सीजन और ICU सुविधा क्यों नहीं उपलब्ध कराई गई? क्या यह महज लापरवाही थी या स्वास्थ्य व्यवस्था की बड़ी विफलता? जांच के बाद ही सच्चाई सामने आ सकेगी।

