उदित वाणी, जमशेदपुर: भीषण गर्मी के इस मौसम में पक्षियों एवं मूक पशुओं की प्यास बुझाने के उद्देश्य से डिस्ट्रिक्ट सीएम (DCM) स्कूल ऑफ एक्सीलेंस, बर्मामाइंस के विद्यार्थियों ने एक सराहनीय सामुदायिक सेवा अभियान चलाया है। इस अभियान के अंतर्गत बर्मामाइंस, जेमको, भक्ति नगर एवं लक्ष्मी नगर क्षेत्र में कुल 50 सीमेंटेड जलपात्र (पानी के बर्तन) स्थापित किए गए हैं, ताकि चिलचिलाती धूप में पक्षियों और आवारा पशुओं को स्वच्छ पेयजल आसानी से उपलब्ध हो सके।

सोशल इमोशनल लर्निंग कार्यक्रम का हिस्सा है यह पहल
यह मानवीय पहल विद्यालय के सामाजिक एवं भावनात्मक अधिगम कार्यक्रम का एक मुख्य हिस्सा थी। इस कार्यक्रम का मूल उद्देश्य विद्यार्थियों में सहानुभूति, करुणा एवं सभी सजीवों के प्रति संवेदनशीलता का विकास करना है। इस गतिविधि के माध्यम से बच्चों ने समाज को यह संदेश दिया कि पृथ्वी पर रहने वाले प्रत्येक मूक जीव के प्रति हमारी जिम्मेदारी है और उनकी देखभाल करना ही सच्ची मानवता है।
प्राचार्य और शिक्षिकाओं के साथ छात्रों ने संभाला मोर्चा
इस सामाजिक सेवा कार्य में विद्यालय की प्राचार्य प्रभारी श्रीमती रंजिता गांधी और शिक्षिका मोना भूमिज के साथ विद्यार्थियों ने बेहद उत्साहपूर्वक भाग लिया। छात्रों ने न केवल स्वयं विभिन्न क्षेत्रों में जाकर इन जलपात्रों की स्थापना की, बल्कि उनमें पानी भरने का कार्य भी किया। इसके साथ ही, विद्यार्थियों ने स्थानीय लोगों से मिलकर उन्हें नियमित रूप से इन पात्रों में पानी भरने के लिए प्रेरित और जागरूक किया।
शिक्षा का असली उद्देश्य बच्चों का समग्र विकास: रंजिता गांधी
इस विशेष अवसर पर विद्यालय की प्राचार्य प्रभारी श्रीमती रंजिता गांधी ने अपने विचार साझा करते हुए कहा: शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी या शैक्षणिक ज्ञान प्रदान करना नहीं है, बल्कि बच्चों का समग्र विकास (Holistic Development) करना भी है। ऐसे सामुदायिक कार्यक्रम विद्यार्थियों में दया, करुणा, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करते हैं, जो आगे चलकर उन्हें देश का एक बेहतर नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करते हैं।” विद्यालय द्वारा की गई यह अनूठी पहल आज के समय में समाज के भीतर मानवता, पर्यावरण संरक्षण और जीवों के प्रति निस्वार्थ प्रेम का संदेश देने वाली एक प्रेरणादायक मिसाल बनकर उभरी है।


