
चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिला के चाईबासा स्थित आशा किरण मुखबधिर विद्यालय में सृजन महिला विकास मंच के तत्वावधान में विद्यालय का 15वां वार्षिकोत्सव धूमधाम से आयोजित किया गया. कार्यक्रम में जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त चंदन कुमार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए.
पारंपरिक स्वागत के साथ कार्यक्रम की शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के पारंपरिक स्वागत के साथ हुई, जहां उन्हें पौधा, अंगवस्त्र और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया. इसके बाद दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया गया. इस अवसर पर जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्वेता भारती, गोपनीय प्रभारी कुमार हर्ष, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा कोषांग खुशेन्द्र सोनकेशरी, जिला खेल पदाधिकारी मार्कस हेंब्रम सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे.
बच्चों ने दी आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
कार्यक्रम में विद्यालय की बच्चियों द्वारा स्वागत गान प्रस्तुत किया गया, वहीं मुखबधिर बच्चियों ने मंगलाचरण नृत्य के माध्यम से अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया. उपस्थित लोगों ने बच्चों की प्रस्तुति की सराहना की.
हैंडक्राफ्ट प्रदर्शनी का अवलोकन, डिजिटल लैब का उद्घाटन
इस अवसर पर उपायुक्त ने बच्चों द्वारा तैयार की गई हैंडक्राफ्ट सामग्री की प्रदर्शनी का अवलोकन किया. साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों की पढ़ाई में सहायता के लिए बनाए गए नए डिजिटल लैब का फीता काटकर उद्घाटन किया.
विशेष बच्चों के प्रोत्साहन पर उपायुक्त का जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त चंदन कुमार ने कहा कि मुखबधिर बच्चों को समाज में आगे बढ़ाने के लिए समान अवसर उपलब्ध कराना बेहद आवश्यक है. उन्होंने विद्यालय के शिक्षकों और कर्मियों की सराहना करते हुए कहा कि वे विशेष श्रेणी के बच्चों को प्रशिक्षित कर उनके भविष्य को संवारने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं.
‘प्रतिभा को पहचानना जरूरी’
उन्होंने कहा कि कई बार उचित मार्गदर्शन के अभाव में विशेष बच्चे समाज में पीछे रह जाते हैं. ऐसे में समाज का दायित्व है कि उन्हें शिक्षा और स्वावलंबन से जोड़कर आगे बढ़ने का अवसर दिया जाए. उपायुक्त ने कहा कि विशेष बच्चों को उनकी कमी के आधार पर नहीं, बल्कि उनकी प्रतिभा और क्षमता के आधार पर पहचानना चाहिए, ताकि उनका समग्र विकास सुनिश्चित हो सके.

