उदित वाणी, जमशेदपुर : केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने समग्र शिक्षा अभियान के तहत झारखंड राज्य के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु कुल 1,832 करोड़ रुपये के बजट को स्वीकृति दे दी है. नई दिल्ली में आयोजित केंद्र के प्रोग्राम एप्रूवल बोर्ड (PAB) की बैठक में गुरुवार को यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया.
पुराने कार्यक्रमों को बजट, नए के लिए अभी इंतजार
केंद्र सरकार ने इस वित्तीय वर्ष के लिए फिलहाल किसी नए कार्यक्रम के लिए अलग से राशि आवंटित नहीं की है. हालांकि, समग्र शिक्षा अभियान के तहत पूर्व से संचालित सभी महत्वपूर्ण कार्यक्रम जारी रहेंगे और उन्हीं के क्रियान्वयन के लिए इस बजट को मंजूरी मिली है.
इन प्रमुख योजनाओं के लिए स्वीकृत हुई राशि
इस बजट का उपयोग राज्य की बुनियादी शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए किया जाएगा. स्वीकृत राशि का उपयोग मुख्य रूप से निम्नलिखित कार्यों के लिए होगा:
कक्षा एक से आठ तक के बच्चों के लिए नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकों और पोशाक का वितरण.
शिक्षा के अधिकार (RTE) के तहत निजी स्कूलों में नामांकित बच्चों की क्षतिपूर्ति.
आइसीटी (ICT) और व्यावसायिक शिक्षा का विस्तार.
पारा शिक्षकों, बीआरपी (BRP) और सीआरपी (CRP) के मानदेय का भुगतान.
कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों और नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालयों का सुचारू संचालन.
बजट में पिछले वर्ष के मुकाबले कमी और पूरक बजट का आश्वासन
उल्लेखनीय है कि पिछले वित्तीय वर्ष में इस अभियान के लिए लगभग 2,500 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे, जिसके मुकाबले इस बार का बजट कम है. स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव उमाशंकर सिंह ने स्पष्ट किया कि चूंकि यह अभियान अब नए स्वरूप में लागू होना है, इसलिए फिलहाल पुराने कार्यक्रमों के लिए राशि दी गई है. केंद्रीय मंत्रालय ने बाद में पूरक बजट (Supplementary Budget) की स्वीकृति देने का आश्वासन भी दिया है.
मध्याह्न भोजन (PM Poshan) पर फैसला 16 मई को
पीएम पोषण योजना (मिड-डे मील) के वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट पर चर्चा के लिए पैब (PAB) की अगली बैठक 16 मई को बुलाई गई है. राज्य सरकार ने इस योजना के लिए अपना प्रस्ताव पहले ही तैयार कर लिया है, जिस पर इसी दिन मुहर लगने की संभावना है.


