उदित वाणी बिहार: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है। यहाँ ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र स्थित प्रसाद हॉस्पिटल में भीषण आग लगने से चारों तरफ हड़कंप मच गया। अस्पताल की पांचवीं मंजिल पर स्थित आईसीयू (ICU) वार्ड में लगी इस आग की चपेट में आने से चार मरीजों की मौत हो गई है। वहीं, कई अन्य गंभीर मरीजों को आनन-फानन में सुरक्षित बाहर निकालकर पास के अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
शॉर्ट सर्किट से भड़की आग, धुएं के गुबार में फंसे मरीज
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, अस्पताल में आग लगने की मुख्य वजह शॉर्ट सर्किट (Short Circuit) को माना जा रहा है। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरे आईसीयू वार्ड में दमघोंटू धुआं भर गया।
आग लगते ही अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी और चीख-पुकार का माहौल बन गया। जो मरीज और परिजन चलने-फिरने की स्थिति में थे, उन्होंने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई। हालांकि, आईसीयू में भर्ती गंभीर मरीज हिलने-डुलने में असमर्थ होने के कारण उसी जहरीले धुएं के बीच फंस गए।
फायर ब्रिगेड की 6 गाड़ियों ने पाया काबू, मौके पर पहुंचे डीएम-एसएसपी
घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड (Fire Brigade) की आधा दर्जन (6) गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया।
हादसे की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, जिनमें मुजफ्फरपुर के डीएम (DM) और एसएसपी (SSP) शामिल हैं, घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें हर संभव सरकारी सहायता का भरोसा दिलाया है।
परिजनों का गंभीर आरोप: फेल था अस्पताल का फायर सेफ्टी सिस्टम
इस दर्दनाक हादसे के बाद मृतकों के परिजनों में भारी आक्रोश है। परिजनों ने प्रसाद हॉस्पिटल प्रबंधन पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि अस्पताल का फायर सेफ्टी सिस्टम (Fire Safety System) काम नहीं कर रहा था। सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी और प्रशासनिक लापरवाही के कारण ही इन मासूम मरीजों को अपनी जान गंवानी पड़ी।
जांच में जुटा अग्निशमन विभाग, दम घुटने से मौत की आशंका
अग्निशमन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी राम निवास पांडेय ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि घटना की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा: मृतकों की सटीक संख्या और आग लगने के असली कारणों की आधिकारिक पुष्टि पूरी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। हालांकि, प्राथमिक दृष्टि में दम घुटने (Suffocation) को ही मौत का मुख्य कारण माना जा रहा है।”
दूसरी ओर, अस्पताल प्रबंधन ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है और दावा किया है कि वे पुलिस-प्रशासन को जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं। इस हृदयविदारक हादसे के बाद से पूरे मुजफ्फरपुर शहर में शोक की लहर है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि शहर के सभी निजी अस्पतालों में फायर सेफ्टी और सुरक्षा मानकों की नियमित जांच (Safety Audit) की जाए।


