
उदित वाणी, रांची : राज्य में इस बार शहरी निकायों का चुनाव बैलेट पेपर के माध्यम से कराया जा सकता है. राज्य निर्वाचन आयुक्त अलका तिवारी ने बैलेट पेपर से शहरी निकायों का चुनाव कराये जाने को लेकर आयोग के पदाधिकारियों के साथ अहम बैठक की. यद्यपि बताया गया कि छठ पर्व के बाद राज्य निर्वाचन आयोग का कार्यालय खुलने पर ही बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाने के संबंध में अंतिम फैसला लिया जाएगा.
लेकिन अधिकारिक सूत्रों के अनुसार राज्य निर्वाचन आयोग ने निकाय चुनाव कराने के लिए भारत निर्वाचन आयोग से ईवीएम मशीनों की मांग की थी. परंतु भारत निर्वाचन आयोग ने ईवीएम मशीनें उपलब्ध कराने में असमर्थता जता दी है. इसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था के तहत बैलेट पेपर के माध्यम से निकाय चुनाव कराने पर गंभीरता के साथ विचार किया जा रहा है.
प्राप्त जानकारी के मुताबिक राज्य में एक साथ सभी 50 नगर निकायों जिसमें नौ नगर निगम, 18 नगर परिषद और 22 नगर पंचायत के अलावा एक जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति शामिल है. इन निकायों के चुनाव एक साथ कराने के लिए लगभग 30 हजार से अधिक ईवीएम मशीनों की जरूरत होगी. इसके अलावा इतनी ही संख्या में वीवी पैट व अन्य जरूरी यूनिट की भी जरूरत होगी. जिस पर भारत निर्वाचन आयोग ने हाथ खड़े कर दिया है.
हालांकि ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से चुनाव होने पर मतगणना की प्रक्रिया में काफी समय लगेगा. जिसको लेकर भी राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा गंभीरता से विचार किया जा रहा है. इधर राज्य में नगर निकाय चुनाव को लेकर इस बार राज्य सरकार व राज्य निर्वाचन आयोग काफी गंभीर है. गौरतलब है कि 10 नवंबर को झारखंड हाईकोर्ट में नगर निकाय चुनाव को लेकर सुनवाई की तिथि तय है और सुनवाई के दौरान उस दिन राज्य सरकार को चुनाव से संबंधित पूरा शिड्युल हाईकोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करना होगा.
जिसके कारण सरकार और निर्वाचन आयोग के स्तर पर निकाय चुनाव को लेकर सक्रियता बढ़ा दी गई है. राज्य सरकार द्वारा निकाय चुनाव को लेकर निर्वाचन नियमावली की मंजूरी देते हुए पिछड़ा वर्ग के लिए भी आरक्षण का प्रावधान किया गया है और 10 नवंबर को निकाय चुनाव का शिडयूल हाईकोर्ट को सौंपा जा सकता है.
