
उदित वाणी जमशेदपुर : हाल ही में अर्बन बैंक के चुनाव को लेकर बड़ी हलचल सामने आई है। अर्बन बैंक के चीफ मैनेजर अभिजीत बंदोपाध्याय, जो कि मेंस यूनियन के डायरेक्टर भी हैं, ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और चुनाव करवाने के पक्ष में फैसला हासिल किया। ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन ने भी हाईकोर्ट में जाकर कांग्रेस के रेलवे बोर्ड के माध्यम से चुनाव को रोकने की साजिश को विफल किया। इसके बाद, हाईकोर्ट ने अर्बन बैंक के चुनाव कराने का आदेश दिया है।सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस इस बात से वाकिफ है कि आगामी चुनाव में उसकी जीत की कोई संभावना नहीं है, इसलिए वह चुनाव को किसी भी तरह टालने की कोशिश कर रही थी। कांग्रेस का उद्देश्य था कि चुनाव को स्थगित कर वह अर्बन बैंक चुनाव में संभावित हार के नुकसान से बच सके। ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन के छोटे और बड़े नेता भी इस साजिश से परिचित हैं कि कांग्रेस उनके पीठ में छुरा घोंप रही है, और चुनाव को रोककर उनके खिलाफ काम कर रही है। हालांकि, लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन का रवैया भी अर्बन बैंक के चुनाव में विवाद का कारण बना। एसोसिएशन की लालचपूर्ण मांगों के कारण ट्रैकमैन को उनकी हिस्सेदारी में कमतर स्थान देने की कोशिश की गई, जिससे ट्रैकमैन समुदाय नाराज हो गया और श्रमिक संघ के साथ मिलकर चुनाव में अपनी भूमिका तय की। लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन ने 9 डायरेक्टर पदों की मांग की थी, जबकि ट्रैकमैन को सिर्फ एक पद देने की पेशकश की जा रही थी, जिससे ट्रैकमैन बालों ने असंतोष जताया और श्रमिक संघ का समर्थन किया। इस पूरे घटनाक्रम ने अर्बन बैंक चुनाव को और जटिल बना दिया है, लेकिन हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब चुनाव जल्द होने की संभावना है। कांग्रेस की साजिश को विफल होते देख, अब चुनाव में राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं।
