
उदित वाणी, जमशेदपुर: भारत सरकार के “स्वच्छ भारत” मिशन के तहत सीएसआईआर-राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला(सीएसआईआर-एनएमएल) जमशेदपुर में चल रहे स्वच्छता पखवाड़ा का समापन सोमवार को हुआ.
एनएमएल निदेशक डॉ. अवनीश कुमार श्रीवास्तव के निर्देशन में यह कार्यक्रम हुआ. समारोह के मुख्य अतिथि टाटा स्टील यूटिलिटीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विसेज लिमिटेड के प्रबंध निदेशक रितुराज सिन्हा थे. समारोह के दौरान हुई विभिन्न प्रतियोगिता के विजेताओं को सिन्हा ने सम्मानित किया.
उल्लेखनीय है कि स्वच्छता पखवाड़ा का आयोजन एनएमएल के सभी कार्यालय और आवासीय परिसरों में किया गया. इसमें कर्मचारियों द्वारा स्वच्छता शपथ, स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण कार्यक्रम और बैठकें शामिल रहीं.
बच्चों ने विभिन्न प्रतियोगिता में भाग लिया
स्टाफ बच्चों के लिए सिट एंड ड्रॉ प्रतियोगिता आयोजित की गई थी जिसके विजेता शिवांशु बेहरा, नभ श्रीवास्तव, इंद्राक्षी कुंडू, समृद्धि प्रज्ञा, सरन्या बेहरा, एम कार्तिकेय, रोशनी पुराण, सर्बनी बेहरा, पूर्णिमा पुराण, सौम्या कुंडू, रूपाली महतो और सरित शेखर पाल रहे.
सिंगल यूज प्लास्टिक के दुष्प्रभावों को समझने और इसके बारे में जागरूकता बढ़ाने के महत्व को ध्यान में रखते हुए कर्मचारियों के लिए “एकल उपयोग प्लास्टिक पर प्रतिबंध: महत्व और हमारी जिम्मेदारी” विषय पर एक निबंध प्रतियोगिता आयोजित की गई थी. प्रतियोगिता हिंदी और अंग्रेजी दोनों में आयोजित की गई थी.
हिंदी भाषा में प्रतियोगिता के विजेता सुधा कुमारी झा (प्रथम), अमित प्रकाश (द्वितीय) और सोमनाथ दास (तृतीय) और अंग्रेजी भाषा में चंदन कुमार चौधरी (प्रथम), नीतीश कुमार भकत (द्वितीय), एलिफ कुम्हार (तृतीय) थे.
स्वच्छता विषय पर प्रश्नोत्तरी
“स्वच्छ भारत” विषय पर एक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई. अंतिम दौर में स्वच्छ भारत मिशन और संबंधित योजनाओं, अभियानों और शहरों की स्वच्छता रैंकिंग के पूरे स्पेक्ट्रम को कवर करने वाले उद्देश्यों, चित्रों, जंबल्स और हिंट राउंड सहित प्रश्न शामिल थे.
प्रथम पुरस्कार चंदन कुमार चौधरी एवं दीपक कुमार की टीम ने जीता. द्वितीय पुरस्कार सुधा कुमारी झा एवं श्री सुदीप कुमार की टीम ने जबकि तृतीय पुरस्कार विकास कुमार एवं नितीश कुमार भकत की टीम ने जीता.
प्लास्टिक कर्बिंग प्रतियोगिता का आयोजन
एनएमएल कर्मचारियों के लिए “प्लास्टिक कर्बिंग” पर एक्स्टेंपोर का आयोजन किया गया. प्रतिभागियों ने प्लास्टिक मुक्त जीवन शैली के लाभ और चुनौतियां, प्लास्टिक कचरे को कम करने के लिए सरकारें और व्यवसाय एक साथ कैसे काम कर सकती है?, खाद्य उद्योग में प्लास्टिक पैकेजिंग को कम करने के लिए अभिनव समाधान, शिक्षा और जागरूकता अभियानों की भूमिका जैसे विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए. प्लास्टिक पर अंकुश लगाने को बढ़ावा देने में, क्या रीसाइक्लिंग प्लास्टिक कचरे का एक प्रभावी समाधान है, या अन्य उपायों की आवश्यकता है?, प्लास्टिक कचरे को रोकने में तकनीकी प्रगति की संभावना, प्लास्टिक की खपत को कम करने के लिए व्यक्तियों और निगमों की नैतिक जिम्मेदारी आदि शामिल था.
इस प्रतियोगिता में निखिल कुमार, रोशन लाल और सुमन तिवारी ने क्रमश: पहला, दूसरा और तीसरा पुरस्कार प्राप्त किया. कर्मचारियों के लिए “स्वच्छ भारत” विषय पर हिन्दी स्लोगन लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. इस प्रतियोगिता के विजेता अभिषेक कुमार सिंह (प्रथम), रोशन कुमार (द्वितीय) तथा शशिकांत चौधरी (तृतीय) रहे.

