
उदित वाणी,सरायकेला-खरसावां: निषिद्ध मादक पदार्थों के दुरुपयोग एवं उनके अवैध व्यापार के विरुद्ध संचालित राज्यव्यापी जागरूकता अभियान के तहत सोमवार को जिला प्रशासन, सरायकेला-खरसावां द्वारा एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। समाहरणालय परिसर में आयोजित एक विशेष जन-जागरूकता कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी नितिश कुमार सिंह, उप विकास आयुक्त रीना हांसदा एवं जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सत्या ठाकुर ने संयुक्त रूप से जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस अवसर पर एक विशेष हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया, जिसमें उपस्थित अधिकारियों, कर्मियों, आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहियाओं ने नशीले पदार्थों के सेवन से दूर रहने तथा पूरे समाज को नशामुक्त बनाने की सामूहिक शपथ ली।
युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाना और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना मुख्य लक्ष्य
जिले में संचालित इस विशेष जागरूकता अभियान को सफल बनाने के लिए विभिन्न विभागों के आपसी समन्वय से लगातार कई गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इस अभियान के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं: आम जनता, विशेषकर युवा पीढ़ी को मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं आर्थिक दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना। युवाओं को नशे की खतरनाक प्रवृत्ति से दूर रहने के लिए प्रेरित करना। समाज में नशामुक्ति के प्रति एक सकारात्मक वातावरण का निर्माण करना और लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना।
“केवल प्रशासन से नहीं, जन-भागीदारी से बनेगा नशामुक्त समाज” – उपायुक्त नितिश कुमार सिंह
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह ने कहा कि मादक पदार्थों का बढ़ता दुरुपयोग आज के समाज और विशेष रूप से हमारी युवा पीढ़ी के लिए एक बेहद गंभीर चुनौती बन चुका है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि एक नशामुक्त समाज का निर्माण केवल प्रशासनिक स्तर पर किए जा रहे प्रयासों से संभव नहीं है। इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय और ईमानदार भागीदारी आवश्यक है। युवा किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति और ऊर्जा होते हैं। उनकी सकारात्मक भागीदारी से ही हम नशामुक्त समाज के लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं। सभी नागरिक स्वयं नशे से दूर रहें और अपने परिवार, मित्रों व पूरे समुदाय को नशामुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करें।”
‘नशामुक्त झारखंड’ अभियान को जन-आंदोलन का रूप दें: डीडीसी रीना हांसदा
उप विकास आयुक्त श्रीमती रीना हांसदा ने अपने संबोधन में कहा कि नशे की समस्या केवल किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहती, बल्कि इसका विनाशकारी दुष्प्रभाव पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि इस बुराई के खिलाफ जन-जागरूकता ही सबसे प्रभावी माध्यम है।
उन्होंने विशेष रूप से आंगनबाड़ी सेविकाओं, सहियाओं और सामुदायिक स्तर पर कार्यरत अन्य कर्मियों से आह्वान किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों से अवगत कराएं। उन्होंने ‘नशा मुक्त झारखंड’ अभियान को एक बड़े जन-आंदोलन का स्वरूप देने की बात कही।
प्रखंडों, गांवों और स्कूलों का भ्रमण करेगा जागरूकता रथ: सत्या ठाकुर
जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सत्या ठाकुर ने अभियान की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि इस राज्यव्यापी अभियान के अंतर्गत संचालित जागरूकता रथ जिले के विभिन्न प्रखंडों, सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों एवं प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों (स्कूल्स व कॉलेजों) का भ्रमण करेगा। यह रथ लोगों को मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों तथा नशामुक्त जीवन के महत्व के संबंध में जागरूक करेगा ताकि समाज में एक स्वस्थ वातावरण को बढ़ावा दिया जा सके। इस विशेष अवसर पर डीपीएम (JSLPS), विभिन्न सरकारी विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी, भारी संख्या में आंगनबाड़ी सेविकाएं, सहियाएं तथा अन्य संबंधित लोग मुख्य रूप से उपस्थित थे।

