उदित वाणी, आदित्यपुर : आदित्यपुर नगर निगम के सभागार में आज संपन्न हुई नगर निगम की महत्वपूर्ण बोर्ड मीटिंग में नगर निगम क्षेत्र के विकास और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने से संबंधित प्रमुख विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई. इस बैठक में जनहित से जुड़े कई अहम प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए. बैठक के दौरान क्षेत्र में जलापूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ करने, साफ-सफाई अभियान को तेज करने, चिन्हित स्थानों पर हाईमास्ट लाइट एवं स्ट्रीट लाइट लगाने सहित विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. इस अवसर पर महापौर संजय सरदार, उप महापौर अंकुर सिंह, अपर नगर आयुक्त सहित अन्य अधिकारी व पार्षद मुख्य रूप से उपस्थित थे.
प्रत्येक वॉर्ड में एक-एक स्थान पर होगा डीप बोरिंग और लगेगी हाईमास्ट लाईट
बैठक में पेयजल संकट से जूझ रहे आम लोगों को बड़ी राहत देने के लिए नगर निगम क्षेत्र के प्रत्येक वॉर्ड में एक-एक स्थान पर डीप बोरिंग कराने का बड़ा निर्णय लिया गया. इसके साथ ही यह भी तय किया गया कि जिन वार्डों में तकनीकी कारणों से डीप बोरिंग कराना संभव नहीं होगा, वहां विकल्प के तौर पर तीन से चार चापाकल लगाए जाएंगे. इसके अलावा रात के समय क्षेत्र की प्रकाश व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के उद्देश्य से प्रत्येक वॉर्ड में एक-एक हाईमास्ट लाइट स्थापित करने का भी निर्णय लिया गया है.
साफ-सफाई के लिए प्रत्येक वॉर्ड में रखे जाएंगे 6-6 सफाईकर्मी
नगर निगम क्षेत्र की साफ-सफाई व्यवस्था को और अधिक मजबूत व प्रभावी बनाने के उद्देश्य से प्रत्येक वार्ड में छह-छह सफाई कर्मियों की नियुक्ति करने का निर्णय लिया गया. इसके साथ ही नगर निगम क्षेत्र की स्वच्छता, बेहतर जल निकासी (ड्रेनेज सिस्टम) एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं को लेकर भी पार्षदों के बीच विस्तार से चर्चा हुई. बैठक में उपस्थित पार्षदों ने आपसी एकजुटता का परिचय देते हुए आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान और क्षेत्र के समग्र विकास के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया. बैठक में दोहराया गया कि नगरवासियों को बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराना नगर निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता है.
लचर जलापूर्ति व्यवस्था पर भड़के पार्षद, पीयूष सिन्हा को हटाने की माँग
इस बोर्ड बैठक में नगर निगम क्षेत्र की लचर जलापूर्ति व्यवस्था और इसकी वजह से आम जनता को हो रही भारी परेशानी पर पार्षदों ने कड़ी नाराजगी जताई. पार्षदों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद क्षेत्र की जलापूर्ति व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं दिख रहा है. उन्होंने नगर निगम प्रशासन से जलापूर्ति व्यवस्था में अविलंब सुधार लाने और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को चिह्नित कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की.
बैठक में उपस्थित पार्षद धनंजय गुप्ता ने क्षेत्र में जलापूर्ति का जिम्मा संभाल रही एजेंसी मेसर्स जिंदल की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए. श्री गुप्ता ने मेसर्स जिंदल के प्रोजेक्ट मैनेजर पीयूष सिन्हा को अविलंब पद से हटाने की मांग भी उठाई. उन्होंने सीधा आरोप लगाया कि मेसर्स जिंदल की लापरवाही और ढुलमुल रवैए के कारण ही आम लोगों को नियमित और पर्याप्त पेयजल की आपूर्ति नहीं मिल पा रही है.


