उदित वाणी, जमशेदपुर : टाटा समूह की अगली पीढ़ी में सक्रिय भूमिका निभा रही माया टाटा एक बार फिर चर्चा में हैं. नोएल टाटा की बेटी माया को समूह में अहम जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वह टाटा डिजिटल और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपनी भूमिका को और मजबूत कर रही हैं.
कौन हैं माया टाटा?
माया टाटा (उम्र 37 वर्ष) टाटा समूह के पूर्व चेयरमैन दिवंगत रतन टाट की भतीजी हैं. वे नोएल टाटा (वर्तमान टाटा ट्रस्ट्स चेयरमैन) और आलू मिस्त्री की छोटी बेटी हैं. उनके परिवार में टाटा और मिस्त्री दोनों ही प्रमुख औद्योगिक घरानों का मिश्रण है, जो उन्हें व्यापारिक विरासत की गहरी समझ प्रदान करता है.माया ने अपनी शिक्षा यूनिवर्सिटी ऑफ वारविक और Bayes Business School (लंदन) से पूरी की. बिजनेस और फाइनेंस में मजबूत पृष्ठभूमि के साथ उन्होंने टाटा समूह में अपनी शुरुआत टाटा ओपर्चुनिटी फंड (टाटा कैपिटल की सहायक कंपनी) से की, जहां उन्होंने पोर्टफोलियो मैनेजमेंट और इन्वेस्टर रिलेशंस में अपनी क्षमता साबित की.
बढ़ते कदम और जिम्मेदारियां
टाटा डिजिटल में महत्वपूर्ण भूमिका: माया ने टाटा न्यू (Tata Neu) ऐप के लांच में अहम योगदान दिया, जो समूह का प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म है. हाल ही में उन्हें और उनकी बहन लीह टाटा को सर रतन टाटा इंडस्ट्रियल इंस्टीट्यूट (एसआरटीआईआई) के बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज में नियुक्त किया गया है. वे टाटा मेडिकल सेंटर ट्रस्ट की बोर्ड मेंबर भी हैं. पिछले मार्च महीने में जमशेदपुर के संस्थापक दिवस समारोह में पिता नोएल टाटा के साथ उनकी उपस्थिति ने अगली पीढ़ी की तैयारी के संकेत दिए. टाटा समूह में युवा नेतृत्व को बढ़ावा देने की रणनीति के तहत माया की प्रगति को काफी महत्व दिया जा रहा है. वे कम प्रोफाइल रखने वाली हैं, लेकिन अपनी मेहनत और समझदारी से समूह के डिजिटल और सामाजिक पहलुओं में सक्रिय योगदान दे रही हैं.
परिवारिक पृष्ठभूमि
नोएल टाटा के बच्चों (लीह, माया और नेविल) को टाटा समूह के भविष्य के संभावित उत्तराधिकारियों में देखा जा रहा है. माया की मां आलू मिस्त्री दिवंगत साइरस मिस्त्री की बहन हैं, जिससे परिवार की व्यापारिक गहराई और बढ़ जाती है. टाटा समूह के विशाल साम्राज्य में माया टाटा जैसे युवा चेहरों का उभरना समूह की निरंतरता और आधुनिकीकरण की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है. आगे आने वाले समय में उनकी भूमिका और विस्तार की उम्मीद की जा रही है. यह विकास टाटा समूह के लिए न केवल लीडरशिप ट्रांसफॉर्मेशन बल्कि नई ऊर्जा और विजन का प्रतीक भी है.


