उदित वाणी, जमशेदपुर : झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता दुलाल भुईयां ने कोल्हान क्षेत्र में एम्स स्तर की स्वास्थ्य सुविधा स्थापित करने की मांग को लेकर सोमवार को नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन पहुंचकर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा को विस्तृत ज्ञापन सौंपा. उन्होंने साकची स्थित नवनिर्मित एमजीएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (MGM Medical College and Hospital) परिसर को सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य संस्थान के रूप में विकसित करने की जोरदार वकालत की.
कोल्हान की 49 लाख आबादी के पास नहीं है गंभीर बीमारियों के इलाज की सुविधा
केंद्रीय मंत्री को सौंपे गए ज्ञापन में दुलाल भुईयां ने कहा कि पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिले को मिलाकर बने कोल्हान प्रमंडल की आबादी करीब 49 लाख है, लेकिन आज भी क्षेत्र में ऐसा कोई सरकारी अस्पताल नहीं है जहां गंभीर और जटिल बीमारियों का समुचित इलाज उपलब्ध हो सके. बेहतर इलाज के लिए मरीजों को रांची, भुवनेश्वर, कोलकाता, वेल्लोर और दिल्ली जैसे शहरों का रुख करना पड़ता है, जिससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ता है.
एमजीएम अस्पताल में सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं और विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी
दुलाल भुईयां ने बताया कि एमजीएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल वर्षों से क्षेत्र की स्वास्थ्य जरूरतों को पूरा करने का प्रयास कर रहा है, लेकिन यहां अब भी सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं, आधुनिक उपकरणों और विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी बनी हुई है. हालांकि नए अस्पताल भवन में लगभग 140 कमरे तैयार किए गए हैं, जिनका उपयोग विभिन्न चिकित्सा सेवाओं के लिए किया जा रहा है, फिर भी हृदय रोग, न्यूरोलॉजी, कैंसर, ट्रॉमा और नेफ्रोलॉजी जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज की सुविधाएं बेहद सीमित हैं. एमजीएम मेडिकल कॉलेज से हर वर्ष बड़ी संख्या में छात्र डॉक्टर बनकर निकलते हैं, लेकिन बेहतर संसाधनों और अवसरों के अभाव में अधिकांश चिकित्सक दूसरे राज्यों या बड़े संस्थानों का रुख कर लेते हैं. यदि एमजीएम अस्पताल को एम्स स्तर की सुविधाओं से सुसज्जित किया जाता है, तो इससे विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी और चिकित्सा शिक्षा, शोध तथा स्वास्थ्य सेवाओं में व्यापक सुधार होगा.
दुलाल भुईयां ने बयां की निजी पीड़ा, सुधीर महतो और रामदास सोरेन का किया उल्लेख
ज्ञापन में दुलाल भुईयां ने अपनी व्यक्तिगत पीड़ा का भी उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी माता स्वर्गीय गोसाई मनी देवी का निधन हृदयाघात (हार्ट अटैक) के कारण हुआ था. उनका मानना है कि यदि कोल्हान क्षेत्र में अत्याधुनिक हृदय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होती, तो शायद उनकी जान बचाई जा सकती थी. उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति केवल उनके परिवार की नहीं, बल्कि क्षेत्र के हजारों परिवारों की है. इसके साथ ही ज्ञापन में पूर्व उपमुख्यमंत्री सुधीर महतो, पूर्व मंत्री रामदास सोरेन, पूर्व सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा तथा एमजीएम अस्पताल के पूर्व अधीक्षक डॉ. शिव शंकर प्रसाद जैसे जनप्रतिनिधियों और प्रतिष्ठित व्यक्तियों का उल्लेख करते हुए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की आवश्यकता पर जोर दिया गया.
आदिवासी-मूलवासी बहुल कोल्हान को चरणबद्ध तरीके से मिले एम्स जैसी सुविधा
उन्होंने कहा कि कोल्हान आदिवासी, मूलवासी, दलित, पिछड़ा वर्ग, किसान और मजदूर बहुल क्षेत्र है, जहां बड़ी आबादी आर्थिक रूप से कमजोर है. ऐसे में महंगे निजी अस्पतालों में इलाज कराना अधिकांश लोगों के लिए संभव नहीं है. दुलाल भुईयां ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से आग्रह किया कि साकची स्थित पुराने एमजीएम अस्पताल के स्थान पर विकसित हो रहे नए अस्पताल परिसर को चरणबद्ध तरीके से एम्स जैसी सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं से लैस किया जाए. इससे न केवल कोल्हान, बल्कि झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती जिलों के लाखों लोगों को लाभ मिलेगा.


