उदित वाणी, आदित्यपुर : आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र (Adityapur Industrial Area) में पिछले एक पखवाड़े से चल रहा मजदूरों का गतिरोध अब सुलझता नजर आ रहा है. श्रम अधीक्षक (Labour Superintendent) अविनाश ठाकुर ने आज अपनी नौकरी के समायोजन और फाइनल सेटलमेंट (Final Settlement) की मांग को लेकर विगत 15 दिनों से आंदोलन कर रहे जेएमटी (JMT) के मजदूरों से मुलाकात की. यह मजदूर आदित्यपुर स्थित रामकृष्ण कास्टिंग सॉल्यूशन लिमिटेड (RKCSL) के बाहर धरने पर बैठे हैं. झारखंड राज्य के श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास सह उद्योग मंत्री संजय प्रसाद यादव के विशेष निर्देश पर धरना स्थल पर पहुंचे श्रम अधीक्षक काफी देर तक वहां डटे रहे.
कंपनी सचिव मोना बहादुर ने मांगा एक सप्ताह का समय
श्रम अधीक्षक के धरना स्थल पर रहने के दौरान शुरुआत में कंपनी प्रबंधन (Company Management) की ओर से कोई भी जिम्मेदार अधिकारी सामने नहीं आया. हालांकि, बाद में कंपनी सचिव मोना बहादुर वहां पहुंचीं और उन्होंने श्रम अधीक्षक अविनाश ठाकुर से मुलाकात की. कंपनी सचिव ने मजदूरों की मांगों पर न्यायोचित कार्रवाई सुनिश्चित करने और इस संवेदनशील मुद्दे को सुलझाने के लिए प्रबंधन की ओर से एक सप्ताह का समय देने का अनुरोध किया.
JMT के बंद होने और रामकृष्ण फोर्जिंग (RKFL) द्वारा अधिग्रहण के बाद फंसा पेंच
श्रम अधीक्षक अविनाश ठाकुर ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि जेएमटी कंपनी के बंद होने और बाद में रामकृष्ण फोर्जिंग लिमिटेड (RKFL) ग्रुप द्वारा जेएमटी का अधिग्रहण (Acquisition) करने के बाद कई मजदूरों का समायोजन और फाइनल सेटलमेंट अधूरा रह गया था. आंदोलनकारी मजदूरों का कहना है कि वे पिछले 15 से 20 वर्षों से कंपनी में अपनी निरंतर सेवा दे रहे थे. परन्तु अधिग्रहण के बाद जहां कुछ मजदूरों को समायोजित कर लिया गया, वहीं कई मजदूर आज भी अपने अधिकारों के लिए भटकने को विवश हैं.
श्रम अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि यह मामला एनसीएलटी (NCLT) तक पहुंचा था और नियमानुसार सभी श्रमिकों के साथ न्याय होना चाहिए था. हालांकि, आंदोलन के दौरान मजदूरों की ओर से कई कानूनी और प्रक्रियागत त्रुटियां भी सामने आईं, जिसके कारण उनकी मांगों पर अपेक्षित स्तर पर विचार नहीं हो पा रहा था. परन्तु अब विभागीय मंत्री संजय प्रसाद यादव के हस्तक्षेप के बाद मजदूरों को हर हाल में न्याय दिलाने का काम किया जाएगा.
राजद नेता पुरेंद्र नारायण सिंह ने किया समर्थन
वार्ता के दौरान धरना स्थल पर उपस्थित आदित्यपुर नगर परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष सह राजद नेता पुरेंद्र नारायण सिंह ने मजदूरों की मांगों को पूरी तरह जायज ठहराया. उन्होंने कहा कि मजदूर कहीं न कहीं कानूनी प्रक्रिया का पूरी तरह पालन नहीं कर पा रहे थे, परन्तु इसका मतलब यह कतई नहीं है कि उनके जायज अधिकारों की अनदेखी की जाए. उन्होंने मजदूरों को इंसाफ दिलाने की दिशा में अपने स्तर से हरसंभव प्रयास करने की बात दोहराई.
आश्वासन के बाद मजदूरों ने स्थगित किया धरना, दी चेतावनी
प्रशासनिक और राजनीतिक हस्तक्षेप के बाद जेएमटी के मजदूरों ने श्रम अधीक्षक, डीएलसी (DLC) और उद्योग मंत्री संजय प्रसाद यादव के प्रति आभार जताया. मजदूरों ने उम्मीद जताई है कि अब उनकी समस्याओं का शीघ्र और सकारात्मक समाधान निकलेगा. फिलहाल मजदूरों ने कंपनी प्रबंधन को 10 दिनों की मोहलत देते हुए अपना धरना और आंदोलन स्थगित कर दिया है. इसके साथ ही मजदूरों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर निर्धारित समय सीमा के भीतर उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो वे अपना आंदोलन फिर से तेज करने को बाध्य होंगे.


