उदित वाणी, चांडिल: दलमा वन्य प्राणी अभ्यारण्य से सटे ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र के गांवों में जंगली हाथियों का आतंक लगातार गहराता जा रहा है। गुरुवार देर रात क्षेत्र में एक विशालकाय हाथी के आ धमकने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल कायम हो गया।
आधी रात को बुजुर्ग महिलाओं पर हमला, टला बड़ा हादसा
गुरुवार देर रात करीब एक बजे चांडिल प्रखण्ड के हिरमिली-दालग्राम गांव में एक विशाल ट्रस्कर (दंतैल) हाथी अचानक घुस आया। भीषण गर्मी के कारण घर के बाहर सो रही करीब 70 और 75 वर्ष की दो वृद्ध महिलाओं को हाथी ने सूंड से खटिया सहित घसीटना शुरू कर दिया। चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण तुरंत सतर्क हुए और सूझबूझ दिखाते हुए दोनों वृद्ध महिलाओं को हाथी के कोप से बचा लिया, जिससे एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया।
राशन दुकान तोड़ी, फसलें रौंदकर रेलवे ट्रैक पार किया
ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, इसके बाद हाथी ने दालग्राम निवासी बुद्धेश्वर तंतूबाई की राशन दुकान पर धावा बोल दिया। हाथी ने दुकान की खिड़की तोड़कर अंदर रखा चावल और अन्य अनाज खा लिया। इसके बाद उसने धान के खेतों में घुसकर फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया।
ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद टॉर्च की रोशनी दिखाकर और शोर मचाकर हाथी को गांव से जंगल की ओर खदेड़ा। लेकिन कुछ ही देर बाद हाथी चांडिल गोलचक्कर मुख्य सड़क और रेलवे ट्रैक को पार करते हुए कदमडीह गांव पहुंच गया। वहां वह ‘सिंह जी’ के घर के आसपास करीब दो घंटे तक मंडराता रहा, जिससे पूरे क्षेत्र में भय का माहौल बना रहा।
विधायक के बयान “हाथी को बांधकर थोड़े ही रख सकते हैं” पर फूटा गुस्सा
इस घटना के बाद से वन विभाग और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के खिलाफ ग्रामीणों का आक्रोश सातवें आसमान पर है। लोगों का कहना है कि एशिया में हाथियों के सबसे सुरक्षित क्षेत्र के रूप में जाने जाने वाले ‘दलमा अभ्यारण्य’ के घने जंगलों से निकलकर हाथी लगातार रिहायशी इलाकों में घुस रहे हैं, जो वन विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।


