उदित वाणी जमशेदपुर: सिदगोड़ा थाना क्षेत्र स्थित एग्रिको ट्रिपल मर्डर केस की जांच अब वैज्ञानिक मोड़ पर पहुंच गई है। मामले के आरोपी रविंद्र प्रसाद सिंह के लाई डिटेक्टर यानी पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की अनुमति अदालत ने पुलिस को दे दी है। कोर्ट की मंजूरी मिलने के बाद पुलिस अब रांची स्थित राज्य फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला से संपर्क कर जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच की तारीख तय होते ही आरोपी को रांची ले जाने के लिए अदालत से औपचारिक आदेश लिया जाएगा। इसके बाद उसे रांची स्थित एफएसएल या किसी अधिकृत निजी फॉरेंसिक संस्थान में पॉलीग्राफ जांच के लिए भेजा जाएगा।
जांच टीम को शक है कि आरोपी रविंद्र प्रसाद सिंह मानसिक बीमारी का सहारा लेकर पुलिस को भ्रमित करने की कोशिश कर रहा है। पूछताछ के दौरान वह लगातार अपने बयान बदल रहा है, जिससे पुलिस को उसके इरादों और घटनाक्रम पर संदेह गहरा गया है। इसी कारण अब पुलिस वैज्ञानिक जांच पद्धति के जरिए सच्चाई सामने लाने की तैयारी में जुटी है।
सूत्रों के मुताबिक, पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए पुलिस अधिकारियों द्वारा बेहद तकनीकी और सटीक सवालों की सूची तैयार की जा रही है, ताकि हत्या की असली वजह और घटना से जुड़े हर पहलू का खुलासा हो सके।
गौरतलब है कि 11 मई को एग्रिको रोड नंबर-दो स्थित क्वार्टर संख्या एल-5/13 में यह सनसनीखेज वारदात हुई थी। टाटा स्टील के रिटायर्ड कर्मचारी रविंद्र सिंह ने कथित तौर पर कुल्हाड़ी और हथौड़े से हमला कर पत्नी सरिता सिंह, बेटी सुप्रिया सिंह और बेटे रविशेख सिंह की निर्मम हत्या कर दी थी।
पुलिस जांच में अब तक सामने आया है कि रिटायरमेंट के बाद मिले करीब 1.49 करोड़ रुपये के निवेश को लेकर परिवार में लंबे समय से विवाद चल रहा था। आशंका है कि इसी आर्थिक तनाव और पारिवारिक विवाद ने इस तिहरे हत्याकांड की नींव रखी।
फिलहाल आरोपी रविंद्र प्रसाद सिंह न्यायिक हिरासत में घाघीडीह सेंट्रल जेल के अस्पताल में मनोरोग विशेषज्ञों की निगरानी में रखा गया है। वहीं पुलिस डिजिटल साक्ष्यों, बैंक ट्रांजैक्शन और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर पूरे मामले की तह तक पहुंचने में जुटी है।


