उदित वाणी, जमशेदपुर: सिदगोड़ा थाना क्षेत्र के चर्चित एग्रिको ट्रिपल मर्डर केस की जांच अब पूरी तरह से हाईटेक और वैज्ञानिक दिशा में आगे बढ़ रही है। पुलिस का मानना है कि इस सनसनीखेज हत्याकांड की असली वजह डिजिटल सबूत, बैंक लेन-देन (वित्तीय रिकॉर्ड) और फॉरेंसिक रिपोर्ट के जरिए ही सामने आ पाएगी। मामले के मुख्य आरोपी रविंद्र प्रसाद सिंह को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है, जो फिलहाल न्यायिक हिरासत में है और उससे लगातार पूछताछ जारी है।

हाईटेक जांच पर फोकस: आरोपी का होगा लाई डिटेक्टर टेस्ट
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शुरुआती जांच और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के बाद अब जांच एजेंसियों का पूरा ध्यान इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज, वित्तीय रिकॉर्ड और वैज्ञानिक परीक्षणों पर है। इस मामले में पुलिस गुरुवार को अदालत में आरोपी रविंद्र प्रसाद सिंह का लाइ डिटेक्टर टेस्ट कराने की अर्जी दाखिल कर सकती है। इसके साथ ही आरोपी के मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजने की तैयारी भी की जा रही है।
कॉल डिटेल और चैट हिस्ट्री से खंगाले जा रहे हैं सुराग
जांच टीम आरोपी के मोबाइल के कॉल डिटेल रिकॉर्ड, चैट हिस्ट्री और उसकी तमाम डिजिटल गतिविधियों को बारीकी से खंगाल रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वारदात से पहले और उसके बाद आरोपी किन-किन लोगों के संपर्क में था। इसके अलावा, हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियारों—टांगी और हथौड़ा—की भी वैज्ञानिक जांच कराई जा रही है, ताकि वारदात से जुड़े पुख्ता और अहम सुराग जुटाए जा सकें।
1.49 करोड़ रुपये का विवाद: आरोपी रविंद्र सिंह का कबूलनामा
पूछताछ के दौरान आरोपी रविंद्र प्रसाद सिंह ने पुलिस के सामने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। आरोपी ने बताया कि टाटा स्टील से सेवानिवृत्ति के बाद उसे 1.49 करोड़ रुपये मिले थे। इसी रकम के निवेश को लेकर उसका अपनी पत्नी सरिता देवी के साथ लंबे समय से विवाद चल रहा था।
रविंद्र का दावा है कि वह पूरी राशि को बैंक खाते में सुरक्षित रखना चाहता था, जबकि उसकी पत्नी उस पर निवेश करने का दबाव बना रही थी। उसने पुलिस को यह भी बताया कि उसकी पत्नी यह पैसा किसी अन्य व्यक्ति को देने की बात कह रही थी, जिसके कारण दोनों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया था।
विवाद के बाद पत्नी, बेटे और बेटी को उतारा मौत के घाट
आरोपी ने पुलिस को दी अपनी गवाही में बताया कि 10 मई की रात को निवेश के इसी मुद्दे पर पति-पत्नी के बीच तीखी बहस हुई थी। अगले दिन सुबह (11 मई) को फिर से वही विवाद बढ़ा, जिसके बाद गुस्से में आकर उसने अपनी पत्नी सरिता देवी की हत्या कर दी। पत्नी को मौत के घाट उतारने के बाद उसने बिस्तर पर सो रहे अपने बेटे रविषेक कुमार और बेटी सुप्रिया की भी बेरहमी से हत्या कर दी। हालांकि, पुलिस आरोपी के इस बयान को अंतिम सच नहीं मान रही है और हर संभावित एंगल से मामले की गहराई से तफ्तीश कर रही है।
संयुक्त खाते से गायब हुए 33 लाख रुपये, गहराया सस्पेंस
पुलिस को आशंका है कि इस खौफनाक हत्याकांड के पीछे सिर्फ साधारण पारिवारिक विवाद नहीं है, बल्कि पैसों का कोई बड़ा लेन-देन या अन्य छिपे हुए कारण भी हो सकते हैं। जांच में यह बात सामने आई है कि दंपती के जॉइंट बैंक अकाउंट (संयुक्त खाते) में 39 लाख रुपये जमा थे, जिनमें से 33 लाख रुपये पहले ही निकाले जा चुके हैं।
अब जांच एजेंसियां इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि इतनी बड़ी रकम कब, किसने और किन परिस्थितियों में बैंक से निकाली। पुलिस का साफ तौर पर मानना है कि डिजिटल डेटा और फॉरेंसिक रिपोर्ट ही इस ट्रिपल मर्डर केस की कई अनसुलझी परतों और रहस्यों से पर्दा उठाएगी।


