उदित वाणी जमशेदपुर: दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर मंडल ने टाटानगर-हल्दीपोखर रेलखंड पर ट्रेनों के सुचारु संचालन और माल ढुलाई क्षमता बढ़ाने की दिशा में बड़ी पहल की है। टाटानगर और हल्दीपोखर के बीच दो नई शंटिंग लाइनें बनाई जाएंगी, जिससे बादामपहाड़ रूट पर यात्री और मालगाड़ियों का आवागमन अधिक सुगम हो सकेगा। रेलवे जोन से इस महत्वाकांक्षी योजना को मंजूरी मिल चुकी है और जल्द ही परसूडीह, सुंदरनगर तथा हल्दीपोखर क्षेत्र में निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार परसूडीह में नई वॉल्व लाइन विकसित की जाएगी, जबकि सुंदरनगर के समीप स्टेबलिंग लाइन का निर्माण होगा। इससे खाली कोचों को रखने में सहूलियत मिलेगी और टाटानगर यार्ड पर बढ़ता दबाव कम किया जा सकेगा। वर्तमान में टाटानगर यार्ड पर ट्रेनों और कोचों की अत्यधिक आवाजाही के कारण परिचालन प्रभावित होता है।
बताया जाता है कि टाटानगर-ओडिशा रेलखंड खनिज और माल ढुलाई के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। ओडिशा के विभिन्न लोडिंग पॉइंट से जुड़ाव होने के कारण इस मार्ग पर मालगाड़ियों की लगातार आवाजाही बनी रहती है। वहीं टाटानगर से चलने वाली मेमू ट्रेनों के अलावा शालीमार और राउरकेला की एक्सप्रेस ट्रेनों की संख्या भी बादामपहाड़ रूट पर लगातार बढ़ रही है। ऐसे में नई शंटिंग लाइन बनने से मालगाड़ियों को किनारे कर यात्री ट्रेनों को आसानी से पास कराया जा सकेगा।
रेलवे सूत्रों की मानें तो भविष्य में इस सिंगल लाइन को डबल लाइन में तब्दील करने की भी योजना है। ट्रैक्शन और आधुनिक सिग्नल सिस्टम के अपग्रेड होने के बाद इस रूट की उपयोगिता और बढ़ गई है। नई रेल लाइनों के निर्माण से न केवल खनिज परिवहन को गति मिलेगी, बल्कि यात्रियों को भी समय पर ट्रेन सेवा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। रेलवे पिछले एक वर्ष से प्रस्तावित लाइन क्षेत्र के आसपास की बस्तियों को खाली करने के लिए नोटिस जारी कर रहा है, ताकि परियोजना का कार्य जल्द शुरू किया जा सके।


