उदित वाणी, रांची : झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने राज्य में हाल में संपन्न हुए राज्यसभा चुनाव के परिणाम को लेकर बड़ी टिप्पणी की है. उन्होंने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि राहुल गांधी और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन महागठबंधन के 56 नहीं, उन 50 विधायकों के नेता हैं, जिन्होंने राज्यसभा चुनाव में झामुमो और कांग्रेस उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया.
वहीं, एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी को वोट देने वाले 28 विधायकों का राजनीतिक नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पास है.
उल्लेखनीय है कि 81 सदस्यीय झारखंड विधानसभा में इंडिया गठबंधन के पास 56 विधायक हैं. इसके बावजूद महागठबंधन के दोनों उम्मीदवारों को मिलाकर कुल 50 वोट ही मिले. कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को चुनाव में 20 वोट मिले, जबकि झामुमो उम्मीदवार बैजनाथ राम 30 वोट हासिल कर राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए. कुल तीन विधायकों के मत रद्द हो गए.
झामुमो के महासचिव ने कहा कि जिन विधायकों के मत रद्द हुए हैं, उनके नेता विचारहीन हैं. सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि राज्यसभा चुनाव के नतीजों पर गंभीरता से विचार किए जाने की जरूरत है.
उन्होंने कहा कि चुनाव परिणामों की समीक्षा होनी चाहिए और पूरे घटनाक्रम पर चर्चा आवश्यक है. राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी प्रणव झा की हार के बाद कांग्रेस, राजद और भाकपा माले के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है.
कांग्रेस नेताओं ने सहयोगी दलों पर अपेक्षित समर्थन नहीं मिलने के आरोप लगाए हैं. वहीं राजद और भाकपा माले ने इन आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया है कि उनके सभी विधायकों ने कांग्रेस उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया था.
(आईएएनएस)


