उदित वाणी, सरायकेला-खरसावां : जिला नियोजनालय सह मॉडल कैरियर सेंटर, सरायकेला में दिनांक 20 जून 2026, शनिवार को एक दिवसीय रोजगार शिविर (जॉब कैंप) का सफल आयोजन किया गया. इस शिविर का मुख्य उद्देश्य स्थानीय बेरोजगार युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर प्रदान करना था, जिसमें बड़ी संख्या में नौकरीप्रार्थी शामिल हुए.
प्रतिष्ठित कंपनियों ने लिया इंटरव्यू, विभिन्न पदों के लिए 25 उम्मीदवार शॉर्टलिस्ट
इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए जिला नियोजन पदाधिकारी श्री आलोक कुमार तोपनो ने बताया कि रोजगार शिविर में टैलेंटनेक्सा सर्विसेज लिमिटेड, युवा शक्ति फाउंडेशन, एके इंटरप्राइजेज, पनियारी इंटरप्राइजेज एवं यूनिक सॉल्यूशन जैसी प्रतिष्ठित संस्थानों के अधिकारी शामिल हुए. इन नियोजकों द्वारा लिए गए साक्षात्कार (इंटरव्यू) के माध्यम से प्रारंभिक चयन प्रक्रिया पूरी की गई. शिविर में ट्रेनी, मिग वेल्डर, गैस वेल्डर, फिटर, फैब्रिकेटर, सीएमसी, विएमसी, एचएमसी, मशीन ऑपरेटर, सुपरवाइजर, रिगर, ग्राइंडर, आर्क वेल्डर, ऑफिस असिस्टेंट एवं टेलीकॉलर सहित विभिन्न पदों पर सरायकेला-खरसावां, जमशेदपुर, गुजरात एवं चेन्नई में नियुक्ति हेतु कुल 25 योग्य उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया गया है.
नियोजनालय में निबंधन कराने की अपील, सभी सेवाएं पूर्णतः निःशुल्क
जिला नियोजन पदाधिकारी ने कहा कि जिला नियोजनालय सह मॉडल कैरियर सेंटर, सरायकेला-खरसावां द्वारा समय-समय पर रोजगार शिविर एवं रोजगार मेलों का आयोजन किया जाता है, ताकि जिले के युवाओं को उनके कौशल के अनुसार रोजगार उपलब्ध कराया जा सके. उन्होंने सभी नौकरीप्रार्थी युवाओं से अपील की कि वे नियोजनालय में अपना निबंधन (रजिस्ट्रेशन) अवश्य कराएं और भविष्य में आयोजित होने वाले रोजगार शिविरों व मेलों में सक्रिय रूप से भाग लेकर अवसरों का लाभ उठाएं. उन्होंने यह भी स्पष्ट रूप से अवगत कराया कि नियोजनालय के माध्यम से आयोजित होने वाले सभी रोजगार शिविरों एवं नियोजन संबंधी सेवाओं की पूरी प्रक्रिया पूर्णतः निःशुल्क (फ्री) है.
इन अधिकारियों और कर्मियों की रही सराहनीय भूमिका
इस रोजगार शिविर के सफल और सुचारू आयोजन में जिला नियोजन पदाधिकारी श्री आलोक कुमार टोपनो, वाई.पी. (मॉडल कैरियर सेंटर) श्री रवि प्रकाश सिंह, श्री सुरेंद्र रजक, श्री सुजीत सरदार सहित नियोजनालय के अन्य सभी कर्मियों की बेहद सक्रिय भूमिका रही. इस दौरान शिविर में संबंधित नियोजक संस्थानों के मानव संसाधन (एचआर) प्रतिनिधि भी मुख्य रूप से उपस्थित रहे.


