उदित वाणी जमशेदपुर: दक्षिण पूर्व रेलवे ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नई व्यवस्था लागू की है। अब रेल अवरोध, पटरी मरम्मत और विकास कार्यों के कारण ट्रेनों के रद्द होने की सूचना करीब दो महीने पहले जारी की जा रही है। इसका उद्देश्य यात्रियों को अचानक होने वाली परेशानियों से बचाना है, ताकि वे समय रहते अपनी यात्रा की वैकल्पिक व्यवस्था कर सकें।
पहले अक्सर टिकट बुकिंग के बाद अचानक ट्रेन रद्द होने की सूचना मिलती थी। ऐसे में यात्रियों को यात्रा स्थगित करनी पड़ती थी या फिर मजबूरी में अधिक किराया देकर बस अथवा हवाई यात्रा करनी पड़ती थी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद यात्री पहले से दूसरी ट्रेन, बस या विमान का विकल्प चुन सकेंगे। इससे आर्थिक नुकसान कम होगा और मानसिक तनाव से भी राहत मिलेगी।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस फैसले से रेलवे प्रशासन को भी पटरी मरम्मत, संकेत व्यवस्था उन्नयन, इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग तथा अन्य आधारभूत विकास कार्यों को व्यवस्थित तरीके से पूरा करने में सुविधा होगी। हालांकि, तकनीकी खराबी, प्राकृतिक आपदा या सुरक्षा कारणों जैसी आपात स्थिति में ट्रेनों को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जा सकेगा।
इधर, चक्रधरपुर मंडल में जून-जुलाई से नवंबर तक कई ट्रेनों के परिचालन पर असर पड़ने वाला है। पटरी मरम्मत कार्य के कारण टाटानगर-इतवारी एक्सप्रेस और बिलासपुर एक्सप्रेस 27 जुलाई से 12 नवंबर के बीच अलग-अलग तिथियों में रद्द रहेंगी। इसके अलावा आरा-दुर्ग दक्षिण बिहार एक्सप्रेस तथा ऋषिकेश-पुरी कलिंग उत्कल एक्सप्रेस भी कई दिनों तक टाटानगर स्टेशन नहीं पहुंचेगी। रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए पहले ही ट्रेन रद्द और मार्ग परिवर्तन की अधिसूचना जारी कर दी है। वहीं बिलासपुर मंडल में प्रस्तावित रेल अवरोध का असर हावड़ा-मुंबई मुख्य रेलमार्ग की कई ट्रेनों पर भी देखने को मिलेगा।


