उदित वाणी, जमशेदपुर : रोटरी क्लब जमशेदपुर ने अपने सदस्यों एवं उनके जीवन साथियों के लिए नए श्रम संहिताओं के क्रियान्वयन के बाद श्रम कल्याण और सामाजिक सुरक्षा विषय पर एक महत्वपूर्ण जागरूकता सत्र का आयोजन किया. इस कार्यक्रम का उद्देश्य बदलते श्रम कानूनों के परिदृश्य और इसके कामगारों, नियोक्ताओं तथा समाज पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में जागरूकता पैदा करना था. कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में टाटा वर्कर्स यूनियन के उपाध्यक्ष डॉ. शाहनवाज आलम ने संबोधित किया. उन्होंने नए श्रम संहिताओं के प्रमुख प्रावधानों पर विस्तार से प्रकाश डाला, जिनमें मजदूरी, सामाजिक सुरक्षा, व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य तथा औद्योगिक संबंध शामिल हैं.
सभी कामगारों तक इस सुधार का लाभ पहुंचना चाहिए
डॉ. आलम ने कहा कि श्रम सुधारों का लाभ संगठित और असंगठित दोनों क्षेत्रों के कामगारों तक पहुंचना चाहिए, जिससे सामाजिक सुरक्षा मजबूत हो सके और समावेशी विकास को बढ़ावा मिल सके. उन्होंने जोर देकर कहा कि श्रम कल्याण औद्योगिक सद्भाव, उत्पादकता तथा कामगारों एवं उनके परिवारों के समग्र कल्याण की आधारशिला है. साथ ही उन्होंने नए श्रम संहिताओं के क्रियान्वयन से जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा की और निरंतर जागरूकता तथा सभी हितधारकों के सक्रिय सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया.
इन्टरैक्टिव चर्चा भी
रोटरी क्लब जमशेदपुर के प्रेसिडेंट कैप्टन अनिल पांडेय ने मुख्य वक्ता का स्वागत किया और उनके ज्ञानवर्धक प्रस्तुति की सराहना की. क्लब सचिव विनोद मेनन ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा और वर्तमान सामाजिक-आर्थिक परिप्रेक्ष्य में इस विषय की प्रासंगिकता को रेखांकित किया. कार्यक्रम में रोटरी सदस्यों और उनके जीवनसाथियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. सत्र के बाद श्रम कल्याण, सामाजिक सुरक्षा और भारत में काम के भविष्य पर इंटरैक्टिव चर्चा भी हुई, जिसमें उपस्थित सदस्यों ने सक्रिय रूप से अपने विचार साझा किए. यह सत्र नए श्रम कानूनों को समझने और उन्हें प्रभावी ढंग से लागू करने की दिशा में रोटरी क्लब जमशेदपुर द्वारा किया गया एक सराहनीय प्रयास है.


