उदित वाणी, जमशेदपुर : झारखंड के खूंटी से निकले 22 वर्षीय निखिल बारला के लिए भारतीय सीनियर राष्ट्रीय टीम में पहली बार कॉल-अप मिलना सपने के सच होने जैसा है. जमशेदपुर एफसी (टाटा फुटबॉल अकादमी) के लेफ्ट-बैक निखिल बरला को यूनिटी कप के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया है. निखिल ने राष्ट्रीय टीम कैंप से कहा, “यह अविश्वसनीय है. खूंटी में गेंद लात मारकर शुरू किया था और भारतीय जर्सी पहनना हमेशा से मेरा लक्ष्य था. जब कॉल आया तो मैं बस कुछ मिनट चुपचाप बैठा रहा. यह मेरे परिवार, जमशेदपुर एफसी के कोचेस और झारखंड के सभी लोगों के लिए है जिन्होंने मुझे हमेशा सपोर्ट किया.”वर्तमान में मुख्य कोच खालिद जामिल के अधीन ट्रेनिंग कर रहे निखिल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल का स्तर काफी अलग और तेज है. “यहां का लेवल बिल्कुल अलग है. हम बेहतर फीफा रैंकिंग वाली टीमों के खिलाफ खेलने जा रहे हैं. यह सीखने और अपने फुटबॉल को बेहतर बनाने का बड़ा मौका है. हर सेशन में कुछ नया सीख रहा हूं.”
पहले मैच से काफी सीखा
निखिल ने बताया कि पहला मैच काफी सीख भरा रहा और अब अगले मैच के लिए कोच के प्लान को सही ढंग से लागू करने पर फोकस है. कोच खालिद जामिल के साथ यह उनकी पुरानी मुलाकात है. जामिल ने पहले जमशेदपुर एफसी में भी निखिल को कोचिंग दी थी. निखिल ने कहा, कोच जामिल मेरे खेल को अच्छी तरह जानते हैं और हमेशा मेहनती युवा खिलाड़ियों को मौका देते हैं. राष्ट्रीय टीम स्तर पर उनके साथ फिर से जुड़ना एक पूरा चक्कर पूरा होने जैसा लग रहा है.
फिटनेस, अनुशासन और मानसिकता जरूरी
अपने घरेलू युवा फुटबॉलरों के लिए निखिल का संदेश साफ है, “विश्वास रखें कि यह संभव है. मैं भी कभी रांची के मैदानों पर खेलता था, ठीक आपके जैसा. लगातार मेहनत करें, प्रक्रिया का सम्मान करें, बेसिक्स कभी न छोड़ें. फिटनेस, अनुशासन और मानसिकता प्रतिभा जितनी ही जरूरी हैं. अगर मैं खूंटी से यहां तक पहुंच सकता हूं, तो आप भी पहुंच सकते हैं.”भारतीय टीम इस सप्ताह लंदन में यूनिटी कप अभियान जारी रखेगी. निखिल बरला अपनी सीनियर अंतरराष्ट्रीय डेब्यू करने के लिए उत्सुक हैं. झारखंड के लिए यह एक गौरव की बात है, क्योंकि टाटा फुटबॉल अकादमी से निकले निखिल अब देश का प्रतिनिधित्व करने जा रहे हैं.


