
उदित वाणी, जमशेदपुर : विश्व डेंगू दिवस के अवसर पर टाटा स्टील यूटिलिटीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विसेज लिमिटेड (टाटा स्टील यूआईएसएल) और जिला स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में PALTIMAR3 अभियान के अंतर्गत एक प्रभावी डेंगू रोकथाम एवं नियंत्रण कार्यशाला का आयोजन कुडी मोहंती ऑडिटोरियम में किया गया. कार्यशाला में 350 से अधिक हितधारकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया. इसमें स्कूल प्रिंसिपल, शिक्षक, आवासीय कल्याण समितियों तथा गेटेड कम्युनिटीज के प्रतिनिधि, सरकारी अधिकारी, स्वास्थ्य कर्मी और सफाई पर्यवेक्षक शामिल थे. कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में कृष्ण कुमार, उप नगर आयुक्त, अतुल कुमार भटनागर, प्रबंध निदेशक, टाटा स्टील यूआईएसएल, आरके सिंह, महाप्रबंधक (टाउन ओ एंड एम) और रघुनाथ पांडेय, टाटा स्टील यूटिलिटीज एंड सर्विस श्रमिक यूनियन उपस्थित रहे.
सामुदायिक भागीदारी पर जोर
मुख्य अतिथियों ने PALTIMAR3 अभियान की सराहना करते हुए कहा कि डेंगू को रोकने के लिए हर नागरिक की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है. उन्होंने जोर देकर कहा कि डेंगू जागरूकता को हर घर तक पहुंचाना होगा और परिवारों को मच्छर के लार्वा पनपने वाले स्थानों को पूरी तरह साफ करने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने स्कूली बच्चों की भूमिका को विशेष रूप से रेखांकित करते हुए उन्हें अभियान का ब्रांड एंबेसडर बनाने की अपील की. नागरिकों से अपील की गई कि वे अपने परिसर को मच्छर-मुक्त रखें, अन्यथा निरीक्षण के दौरान लार्वा पाए जाने पर दंडात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है.
तकनीकी सत्र में महत्वपूर्ण जानकारी
कार्यशाला के तकनीकी सत्र में डॉ. असद, जिला निगरानी अधिकारी ने पिछले तीन वर्षों में डेंगू के रुझानों का विश्लेषण प्रस्तुत किया. उन्होंने बीमारी के प्रसार, लक्षणों, वेक्टर निगरानी और स्रोत न्यूनीकरण पर विस्तार से जानकारी दी. डॉ. असद ने सामुदायिक कार्य योजना पर प्रकाश डालते हुए हर रविवार को साप्ताहिक सूखा दिवस मनाने और रोजाना 10 मिनट डेंगू रोकथाम गतिविधियों के लिए समर्पित करने की अपील की. प्रतिभागियों को सलाह दी गई कि वे पानी भरने वाले बर्तनों की जांच सप्ताह में कम से कम दो बार अवश्य करें. कार्यशाला में डेंगू लार्वा और एडीज मच्छरों के जीवित नमूनों की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिससे प्रतिभागियों को वेक्टर की पहचान और उनके व्यवहार को समझने में व्यावहारिक जानकारी मिली.
सामूहिक संकल्प के साथ समापन
कार्यशाला का समापन मच्छर प्रजनन स्थलों को समाप्त करने और पूरे समुदाय में जागरूकता फैलाने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ. टाटा स्टील यूआईएसएल और जिला प्रशासन द्वारा संचालित यह अभियान शहर को डेंगू-मुक्त बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हो रहा है. यह कार्यशाला दिखाती है कि जब सरकारी विभाग, औद्योगिक संस्थान, शिक्षण संस्थाएं और आम नागरिक एक साथ आते हैं, तो किसी भी चुनौती को पार किया जा सकता है.

