उदित वाणी , रांची: मनी लौंड्रिंग व भ्रष्टाचार के मामले में घिरी आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल की ईडी द्वारा अब नार्को टेस्ट कराया जा सकता है. बताया गया कि ईडी की पूछताछ में कई सवालों के जबाब देने में सिंघल टालमटोल कर रही हैं और सवालों के ठोस व सही जबाब हासिल करने के लिए ईडी सिंघल की नार्को टेस्ट कराने की तैयारी में जुटी है. बताया गया है कि निलंबित आईएएस पूजा सिंघल से ईडी जानना चाहती है कि अवैध खनन मामले में पैसे की बंदरबांट कहां-कहां की गई है और कमीशन अथवा घूस में मिली राशि का निवेश कहां-कहां हुई है. पल्स अस्पताल के निर्माण में उनकी क्या भूमिका है. अस्पताल निर्माण के लिए करोड़ों रुपए कहां से आए. इन सवालों का जवाब ईडी को अबतक नहीं मिला है. इधर बताया गया है कि पल्स अस्पताल में मरीजों के इलाज के साथ-साथ काली कमाई को सफेद करने के नायाब तरीका इस्तेमाल किया गया है. मरीजों के नाम पर कागजी खनापूर्ति करके अस्पताल प्रबंधन द्वारा करोड़ों रूपये की हेराफेरी की गई है और तीन साल में लगभग 68 करोड़ रुपए से ज्यादा राशि हवाइट मनी में तब्दील किया गया है. विगत तीन साल से ब्लैक मनी को हवाइट मनी बनाने का यह खेल अस्पताल प्रबंधन द्वारा फूल बॉडी चेकअप के नाम पर किया जाता रहा है. मिली जानकारी के अनुसार तीन साल में लगभग 19 हजार से ज्यादा लोगों का फूल बॉडी चेकअप करने का रजिष्टर्ड मैंटेन किया गया है अर्थात एक दिन में 25 लोगों व सप्ताह के पांच दिन में कुल 125 लोगों की जांच की जाती थी और सालभर में कुल 65 हजार से ज्यादा लोगों के फूल बॉडी की जांच करना दर्शाया गया है. जबकि एक व्यक्ति से फूल बॉडी चेकअप के नाम पर 35 हजार रुपए वसूलना दर्शाया गया है। अब ईडी द्वारा इस मामले को भी खंगाला जा रहा है और अस्पताल से जब्त दस्तावेजों में जिन लोगों के नाम फूल बॉडी चेकअप दर्शाया गया है.
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मनी लौंड्रिंग व भ्रष्टाचार के मामले में घिरी पूजा सिंघल की ईडी करा सकती है नार्को टेस्ट
फूल बॉडी चेकअप के नाम पर पल्स अस्पताल में किया जाता था काली कमाई को सफेद
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