
उदित वाणी, आदित्यपुर : सरायकेला-खरसावां पथ के सातवें किलोमीटर पर संजय नदी पर निर्मित 120 मीटर लंबे आरसीसी पुल का एप्रोच रोड का लगभग 12 वर्ष बाद भी निर्माण नहीं हो पाया है. परिणामस्वरुप खरसावां, कुचाई, दलभंगा और उस इलाके के सुदूर देहात से आने वाले हजारों लोगों को जिला मुख्यालय, अस्पताल आने-जाने एवं खरसावां से करीब 20-25 अधिवक्ताओं को आवागमन करने में भारी परेशानी झेलना पड़ता है.
एप्रोच रोड के बिना पुल चालू नहीं होने के कारण आम लोगों को प्रतिदिन बिना गार्ड वाल के निर्मित संकीर्ण रास्ते से गुजरना पड़ता है. और नदी में पानी बढ़ जाने से रास्ता भी बंद हो जाता है. आम लोगों की समस्या को देखते हुए झारखंड लीगल एडवाइजरी एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (जलाडो) के अध्यक्ष सह अधिवक्ता ओम प्रकाश ने माननीय झारखंड उच्च न्यायालय रांची में जनहित याचिका संख्या–डब्ल्यूपी (पीआईएल) संख्या_4292/ 2024 दायर किया गया है.

पीआईएल में पुल के बाकी काम एवं पहुंच पथ का निर्माण अविलम्ब पूरा कराने की मांग की गई है. उल्लेखनीय है कि 7 अक्टूबर_2025 को झारखंड उच्च न्यायालय, रांची में मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान एवं जस्टिस राजेश शंकर ने सुनवाई की एवं अशोक कुमार रजक, कार्यपालक अभियंता पथ निर्माण विभाग, पथ प्रमंडल, सरायकेला को 15 दिसंबर 2025 तक उसे पूरा करने के लिए इंश्योर करने एवं कोर्ट ने अगली तिथि 19 दिसंबर 2025 निर्धारित कर इसका कंप्लायंस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है. साथ ही यह भी निर्देश दिया है कि इस सड़क की गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं होना चाहिए.
अगर जरुरत होगी, तो इसकी जाँच का आदेश भी इस न्यायलय के द्वारा दिया जा सकता है. विदित हो कि उक्त पुल का पहुंच पथ का निर्माण पूर्ण करने के लिए संवेदक के साथ विभाग का 12 मार्च_2025 को एग्रीमेंट हुआ था एवं 5 महीने में अर्थात 11 अगस्त 2025 तक कार्य को पूरा करने का समय निर्धारित था. इस आशय की जानकारी कार्यपालक अभियंता ने अपने शपथ पत्र द्वारा 6 मई 2025 को माननीय उच्च न्यायालय को दी थी.
इसके बाद कोर्ट ने काम पूरा करने के निर्धारित समय सीमा 11 अगस्त_2025 के 2 महीने बाद 7 अक्टूबर 2025 को इस केस की सुनवाई की तिथि निर्धारित की थी. इसके बावजूद काम पूरा नहीं हुआ है. जलाडो की ओर से इस केस कि पैरवी झारखण्ड उच्च न्यायलय में अधिवक्ता मनोज कुमार चौबे कर रहे है.

