
उदित वाणी, जमशेदपुर : टाटा वर्कर्स यूनियन के संविधान संशोधन को लेकर शनिवार 13 दिसंबर को दोपहर साढ़े तीन बजे से कंपनी परिसर में आम सभा होगी. इस आमसभा में यूनियन में हुए संविधान संशोधन पर मुहर लगेगी. आमसभा में सदस्यों को लाने के लिए सभी कमेटी मेंबरों को जिम्मेवारी सौंपी गई है, ताकि ज्यादा से ज्यादा सदस्य आमसभा में मौजूद रहे. इसे लेकर प्रबंधन की ओर से कर्मियों को ड्यूटी से छूट भी गई है.
सभा स्थल पर आठ स्टॉल होंगे
सभा स्थल पर मंच बनाया जाएगा, जिस पर यूनियन के सभी 11 पदाधिकारियों के बैठने के लिए कुर्सी होगी. सभा में शामिल होने वाले सदस्यों के लिए पानी के बोतल की व्यवस्था होगी. सदस्यों के लिए स्वीट्स कूपन की व्यवस्था है. सभा स्थल पर सदस्यों की इंट्री तीन बजे से ही शुरू हो जाएगी. सभा स्थल पर ही आठ स्टॉल लगाए गए हैं, जहां उपस्थिति पंजी पर सदस्य हस्ताक्षर करेंगे और उन्हें वहीं पर चार सौ रुपए मूल्य के स्वीट्स कूपन दिए जाएंगे. ये कूपन पांच दुकानों के लिए मान्य होंगे. इसकी वैधता करीब डेढ़ माह की होगी. बताया जा रहा है कि वर्तमान में यूनियन के करीब 10800 सदस्य हैं.
ये बदलाव हुए हैं
- यूनियन के संविधान में कुल 13 अनुच्छेद है. उसमें से अनुच्छेद दो के अनुसार अब टाटा वर्कर्स यूनियन एक फेडरेशन के रूप में कार्य करेगा.
- अनुच्छेद पांच के तहत अब यूनियन चुनाव की अधिसूचना की तिथि तक जो भी यूनियन के सदस्य होंगे. उस संख्या को 50 से विभाजित किया जाएगा. इस तरह अब यूनियन में कमेटी मेंबरों की संख्या कम से कम 160 हो जाएगी. फिलहाल यह संख्या 214 है. यूनियन में लगभग 54 कमेटी मेंबर कम हो जाएंगे.
- टाटा वर्कर्स यूनियन में अब टाटा स्टील के पूर्व कर्मचारियों का ही को-ऑप्शन हो पाएगा. पहले बाहर के लोगों को भी को-ऑप्ट किया जाता था.
- किसी कारणवश यूनियन में अगर कोई सीट खाली रहती है तो 6 माह के अंदर उप चुनाव कराकर उसे भरा जाएगा.
- अनुच्छेद दस के तहत केन्द्र सरकार के नये आईआर कोड 2020 को संविधान के उपनियमों में शामिल किया गया है. इसका औद्योगिक संबंध पर असर होगा.
- यूसीएम (यूनियन कमेटी मेंबर) चुनाव के लिए प्रस्तावक और समर्थक की संख्या तीन होगी और पदाधिकारियों के चुनाव के लिए प्रस्तावक और समर्थक की संख्या चार होगी.
7. पदाधिकारियों का चुनाव लड़ने के फॉर्म में स्पेलिंग या टाइपिंग की गलती होने पर फॉर्म को रिजेक्ट नहीं किया जाएगा.
