
उदित वाणी, जमशेदपुर : दक्षिण पूर्व रेलवे के मुख्यालय गार्डन रीच में आज सतर्कता जागरूकता सप्ताह के तहत एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया. यह कार्यक्रम 27 अक्टूबर से 2 नवंबर तक मनाए जा रहे “सतर्कता जागरूकता सप्ताह” का हिस्सा था, जो केंद्रीय सतर्कता आयोग द्वारा चलाए जा रहे तीन माह के अभियान (18 अगस्त से 17 नवंबर) के अंतर्गत आयोजित किया गया है.
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारत के सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश एवं देश के पहले लोकपाल न्यायमूर्ति पिनाकी चंद्र घोष रहे. इस अवसर पर दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक अनिल कुमार मिश्रा, अपर महाप्रबंधक सौमित्र मजूमदार, वरिष्ठ उपमहाप्रबंधक एवं मुख्य सतर्कता अधिकारी सुरिंदर पाल, विभिन्न विभागाध्यक्षों तथा वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति रही.
अपने प्रेरणादायी संबोधन में न्यायमूर्ति घोष ने कहा कि “पेशेवर ईमानदारी, नैतिकता और जिम्मेदारी किसी भी संगठन की सफलता की नींव होती है.” उन्होंने प्रत्येक अधिकारी व कर्मचारी से सतर्कता के प्रति सजग रहने और अनैतिक कार्यों से दूरी बनाए रखने का आह्वान किया.
अपर महाप्रबंधक श्री मजूमदार ने कहा कि निवारक सतर्कता से पारदर्शिता और सुशासन को सुदृढ़ किया जा सकता है. वहीं महाप्रबंधक श्री मिश्रा ने कहा कि यह सप्ताह हमें ईमानदारी, निष्ठा और जवाबदेही के मूल्यों की पुनः याद दिलाता है. उन्होंने वर्ष 2025 की थीम “सतर्कता: हमारी साझा जिम्मेदारी” को संगठनात्मक नैतिकता को सशक्त करने वाला प्रेरक संदेश बताया.
संगोष्ठी के दौरान सतर्कता बुलेटिन “मर्यादा 2025” का विमोचन न्यायमूर्ति घोष और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा किया गया. कार्यक्रम के समापन पर मुख्यालय की सांस्कृतिक टीम ने नुक्कड़ नाटक और सांस्कृतिक प्रस्तुति के माध्यम से सतर्कता संदेश को आमजन तक पहुँचाया.

