उदित वाणी, बहरागोड़ा : पश्चिम बंगाल के बलियाबेड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत भामाल गांव में कुएं में गिरने से झारखंड के दो मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई. मृतक दोनों ही बहरागोड़ा प्रखंड के पारुलिया पंचायत स्थित पाथरघाटा गांव के निवासी थे. मृतकों की पहचान कार्तिक मुंडा और वृंदावन मुंडा के रूप में हुई है.
समरसेबल तार निकालने के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, पाथरघाटा निवासी राजमिस्त्री पुलिन मुंडा को भामाल गांव में एक मकान निर्माण का ठेका मिला था. इस काम में सहायता के लिए उसने अपने गांव के मजदूरों को भी साथ ले जाया था. गुरुवार सुबह काम के दौरान समरसेबल पंप का तार निकालने के लिए कार्तिक मुंडा कुएं में उतरा. कुछ ही दूरी पर उतरने के बाद उसे चक्कर आया और वह सीधे कुएं में गिर गया.
साथी को बचाने गया, खुद भी गंवाई जान
कार्तिक को गिरते देख उसका साथी वृंदावन मुंडा भी तुरंत कुएं में उतरा. लेकिन कुछ कदम नीचे जाने के बाद उसे भी चक्कर आ गया और वह भी गहराई में गिर गया. दोनों मजदूर कुएं के पानी में डूब गए और मौके पर ही उनकी जान चली गई.
ग्रामीण डर के मारे नहीं उतरे, पहुंची दमकल टीम
घटना की खबर मिलते ही गांववाले घटनास्थल पर जुटे, लेकिन कुएं की गहराई और जोखिम के कारण कोई भी उन्हें बचाने के लिए नहीं उतरा. इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई. बलियाबेड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और झाड़ग्राम से दमकल विभाग की टीम को बुलाया गया. कई घंटे की मशक्कत के बाद दोनों शवों को बाहर निकाला गया और पोस्टमार्टम के लिए झाड़ग्राम अस्पताल भेजा गया.
टूट गए दो परिवार, उभर पाएंगे क्या?
मृतक वृंदावन मुंडा अपने पीछे 9 वर्षीय पुत्र और वृद्ध माता-पिता को छोड़ गया है. वहीं कार्तिक मुंडा की तीन वर्षीय पुत्री और बूढ़े मां-बाप अब बेसहारा हो गए हैं. परिजनों के अनुसार, दोनों परिवार अत्यंत गरीब हैं. उन्हें न तो प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिला है और न ही राज्य सरकार की अबुआ आवास योजना का.
प्रशासन से मदद की गुहार
घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है. परिजनों ने प्रशासन से तत्काल आर्थिक सहायता और सभी सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की मांग की है.


