
मुंबई: कमजोर एशियाई संकेतों के बीच मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई. शुरुआती कारोबार में प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में रहे. आईटी, ऑटो, फाइनेंशियल सर्विस और फार्मा सेक्टर में बिकवाली का दबाव देखने को मिला.
कितनी बड़ी रही गिरावट?
सुबह लगभग 9:28 बजे सेंसेक्स 747.69 अंक यानी 0.91% की गिरावट के साथ 81,428.76 पर कारोबार कर रहा था. वहीं, निफ्टी 204.10 अंक यानी 0.82% गिरकर 24,797.05 के स्तर पर आ गया. निफ्टी बैंक 366.95 अंक की गिरावट के साथ 55,205.05 पर था. निफ्टी मिडकैप 100 में मामूली 4.65 अंकों की गिरावट रही और यह 57,062.60 पर रहा. हालांकि, निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 36.60 अंकों की बढ़त दर्ज की गई और यह 17,744.40 पर पहुंच गया.
तकनीकी विश्लेषण क्या कहता है?
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के प्राइम रिसर्च प्रमुख देवर्ष वकील ने बताया कि निफ्टी अब 24,500-25,000 के कंसोलिडेशन ज़ोन से बाहर निकल चुका है. यह बाज़ार की गति में सुधार का संकेत है. उन्होंने बताया कि फिलहाल 25,207 का स्तर प्रमुख प्रतिरोध बन गया है, जो 26,277 से 21,743 तक की गिरावट के 76.4% फिबोनाची रिट्रेसमेंट से जुड़ा है. निफ्टी के लिए 24,800 पर तत्काल समर्थन मौजूद है.
फिबोनाची रिट्रेसमेंट एक तकनीकी विश्लेषण उपकरण है, जिसका उपयोग समर्थन और प्रतिरोध के संभावित स्तरों की पहचान के लिए किया जाता है.
निवेशक बने हुए हैं लंबी अवधि के लिए प्रतिबद्ध
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा अस्थिरता के बावजूद एसआईपी निवेशक पहले की तुलना में लंबी अवधि के लिए निवेशित बने हुए हैं. यह बाजार को स्थिरता प्रदान कर सकता है.
कौन बने गिरावट के कारण?
सेंसेक्स पैक में NTPC, M&M, HCL टेक, टेक महिंद्रा, इंफोसिस और TCS जैसे दिग्गज शेयर टॉप लूजर्स रहे. केवल इंडसइंड बैंक हरे निशान में दिखा.
एशियाई संकेत क्यों रहे कमजोर?
एशियाई बाजारों में बैंकॉक, सोल, चीन, हांगकांग और जापान के बाजारों में गिरावट रही. केवल जकार्ता का बाजार हरे निशान में रहा.
अमेरिका में मेमोरियल डे पर बाजार रहे बंद
सोमवार को अमेरिका में मेमोरियल डे के उपलक्ष्य में बाजार बंद रहे. शुक्रवार को हुए अंतिम कारोबारी सत्र में डाउ जोंस 256.02 अंक गिरकर 41,603.07 पर बंद हुआ था. एसएंडपी 500 इंडेक्स 39.19 अंक की गिरावट के साथ 5,802.82 पर और नैस्डैक 188.53 अंक टूटकर 18,737.21 पर बंद हुआ.
निवेशक गतिविधि: FII और DII की चाल
26 मई को विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) ने 135.98 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे. वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशक (डीआईआई) ने अधिक आक्रामक रुख अपनाते हुए 1,745.72 करोड़ रुपए की खरीदारी की.
(IANS)

