
रांची: भारतीय सेना के साहसिक अभियान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता के बाद देशभर में देशभक्ति की भावना चरम पर है. इसी कड़ी में झारखंड के पलामू और साहिबगंज जिलों में गुरुवार को ‘तिरंगा यात्रा’ निकाली गई. इस यात्रा का उद्देश्य आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सेना के शौर्य को सलामी देना और राष्ट्रीय एकता का संदेश फैलाना रहा.
पलामू में पूर्व सैनिकों और जनप्रतिनिधियों की अगुवाई
पलामू जिला मुख्यालय में निकाली गई यात्रा में बड़ी संख्या में आम नागरिक, पूर्व सैनिक और भाजपा कार्यकर्ता शामिल हुए. यात्रा की अगुवाई सांसद विष्णु दयाल राम, पांकी विधायक कुशवाहा शशिभूषण प्रसाद मेहता, डाल्टनगंज विधायक आलोक चौरसिया और भाजपा के प्रदेश मंत्री मनोज सिंह ने की. साहित्य समाज चौक से शुरू होकर यह यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई छहमुहान चौक तक पहुंची. देशभक्ति नारों और तिरंगों से सजा यह दृश्य जनमानस में जोश और गर्व भरने वाला था.
“हम चुप नहीं बैठेंगे”: सांसद विष्णु दयाल राम का संकल्प
सांसद विष्णु दयाल राम ने कहा कि पहलगाम में पर्यटकों पर हुए कायराना हमले के बाद सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के ज़रिए यह स्पष्ट कर दिया कि भारत अब आतंकवाद को माफ नहीं करेगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीनों सेनाओं को खुली छूट दी और हमारे वीर जवानों ने दुश्मनों के घर में घुसकर करारा जवाब दिया. ‘तिरंगा यात्रा’ के ज़रिए हम यह संदेश देना चाहते हैं कि पूरा देश सेना के साथ खड़ा है.
साहिबगंज में उमड़ा देशभक्ति का सैलाब
साहिबगंज में भी भाजपा के पूर्व विधायक अनंत ओझा के नेतृत्व में गांधी चौक से ‘तिरंगा यात्रा’ निकाली गई. यह यात्रा शहर के मुख्य मार्गों से होकर शहीद भगत सिंह चौक पर संपन्न हुई. आम लोगों के साथ-साथ युवाओं और बच्चों की भागीदारी ने कार्यक्रम को खास बना दिया.
“सीमा पार जाकर दिया करारा जवाब”: अनंत ओझा
पूर्व विधायक अनंत ओझा ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ भारतीय सेना के पराक्रम का ऐतिहासिक प्रमाण है. हमारी सेना ने न केवल आतंकवादियों के ठिकानों को तबाह किया, बल्कि उन्हें संरक्षण देने वाली पाकिस्तानी सेना को भी करारा सबक सिखाया है. यह यात्रा जवानों के प्रति सम्मान प्रकट करने और राष्ट्र के प्रति हमारी प्रतिबद्धता की अभिव्यक्ति है.
(IANS)

