उदित वाणी, जमशेदपुर : टाटा स्टील ने महिलाओं के कार्यस्थल पर यौनिक उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013 के प्रावधानों के अनुरूप अपनी आंतरिक समितियों (Internal Committees – IC) का पुनर्गठन कर दिया है. कंपनी के सर्कुलर के माध्यम से यह जानकारी दी गई है. यह पुनर्गठन हालिया संगठनात्मक परिवर्तनों को ध्यान में रखते हुए किया गया है. इससे पहले जारी सर्कुलर का भी उल्लेख किया गया है. नई समितियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी.
समितियों का दायरा
समितियां टाटा स्टील के निम्नलिखित प्रमुख स्थानों पर गठित की गई हैं:
1. जमशेदपुर और संबद्ध इकाइयाँ (टाटा स्टील जमशेदपुर, गम्हरिया, टिनप्लेट डिवीजन, वायर डिवीजन, अस्पताल, सीआरएम बारा, ट्यूब्स, एग्रीको, कॉम्बी मिल आदि सहित लगभग सभी औद्योगिक और प्रशासनिक इकाइयां).
2. हुगली मेट कोक, हल्दिया
3. तेलंगाना (मार्केटिंग, सेल्स और एडमिनिस्ट्रेशन ऑफिस – हैदराबाद, सिकंदराबाद, विशाखापत्तनम आदि).
4. नोआमुंडी, कटामाटी, जोड़ा, खोंडबोंड सहित विभिन्न खनन क्षेत्र.
5. टाटा स्टील मेरामंडली, टेक्निकल सर्विसेज और सपोर्ट सर्विसेज.
6. खोपोली, चाकन और पुणे, औरंगाबाद, नागपुर आदि संबद्ध इकाइयां.
7. वेस्ट बोकारो
8. तारापुर वायर डिवीजन, सीआरसी वेस्ट, इंदौर और पिथमपुर.
9. नॉर्थ जोन (दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, जयपुर, लखनऊ, चंडीगढ़ आदि).
समितियों की संरचना
प्रत्येक स्थान पर आंतरिक समिति में प्रेसाइडिंग ऑफिसर/चेयरपर्सन, मेंबर्स, एक्सटर्नल मेंबर्स (एनजीओ) और कन्वीनर शामिल किए गए हैं. जमशेदपुर लोकेशन की मुख्य समिति में अमिता खुराना (Chief Procurement – Group Raw Materials) को आईसी चेयरपर्सन बनाया गया है. अन्य प्रमुख सदस्यों में अभिजीत रॉय, अदिति गांगुली, अखिलेश कुमार मिश्रा, दीप्तक चटर्जी आदि शामिल हैं. समितियों में कुल 70+ सदस्य (जमशेदपुर लोकेशन में) नामित किए गए हैं. कई लोकेशन्स में तृप्ति रॉय को एक्सटर्नल मेंबर के रूप में शामिल किया गया है. अंचिता घटक को भी कई समितियों में इंडिपेंडेंट मेंबर बनाया गया है.
महत्वपूर्ण बातें
कर्मचारियों (खासकर TSTSL और TSSSL) को अपनी लोकेशन की आंतरिक समिति से संपर्क करने की सलाह दी गई है. स्थानांतरण या रिलोकेशन की स्थिति में सदस्य अपनी जिम्मेदारियों को अगले पुनर्गठन तक जारी रखेंगे. सर्कुलर का वितरण सीईओ एंड एमडी टीवी नरेंद्रन के कार्यालय, सभी आईएल वन, संबंधित विभागों और एचआरएम इम्प्लाई को किया गया है. यह पुनर्गठन कंपनी द्वारा POSH एक्ट के सख्ती से अनुपालन और महिला कर्मचारियों को सुरक्षित कार्य वातावरण उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है. टाटा स्टील जैसी बड़ी कंपनी द्वारा समय-समय पर समितियों के पुनर्गठन से शिकायत निवारण तंत्र को और अधिक मजबूत और प्रभावी बनाया जा सकेगा.


