
उदित वाणी, जमशेदपुर : घाघीडीह सेंट्रल जेल की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद एक महिला मुलाकाती द्वारा जेल परिसर के अंदर स्मार्टफोन ले जाकर बंद अपराधियों का वीडियो बनाने का मामला सामने आया है। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जेल प्रशासन और पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है।
वायरल वीडियो में गोलमुरी क्षेत्र के कुख्यात अपराधी विक्की कुंडी, अमन शेखर, बलराम सिंह उर्फ छोटू और विनीत सिंह जेल के अंदर नजर आ रहे हैं। वीडियो के बैकग्राउंड में गैंगस्टर संस्कृति को बढ़ावा देने वाले गाने भी सुनाई दे रहे हैं, जिससे जेल की निगरानी व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े हो गए हैं।
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि वीडियो निशांत सिंह नामक सोशल मीडिया अकाउंट से साझा किया गया था। पुलिस जांच में सामने आया कि निशांत सिंह, जेल में बंद बलराम सिंह का भाई है। इसके बाद जेल प्रशासन ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी।
पुलिस के मुताबिक वीडियो में दिखाई देने वाले सभी आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। इन पर गोलमुरी क्षेत्र में व्यवसायी राजकुमार साह से 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगने और एक ही रात दो अलग-अलग स्थानों पर फायरिंग करने का आरोप है। विक्की कुंडी और अमन शेखर के खिलाफ करीब दर्जनभर मामले दर्ज हैं, जिनमें कोर्ट गेट फायरिंग और सिदगोड़ा में अक्षय सिंह पर हमले जैसी घटनाएं शामिल हैं।
वीडियो वायरल होने के बाद जेल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। जांच में यह सामने आया कि एक महिला मुलाकाती ने ही जेल के अंदर वीडियो रिकॉर्ड किया था। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि कहीं यह मामला आपसी गैंगवार या वर्चस्व की लड़ाई से जुड़ा तो नहीं है। बताया जा रहा है कि कन्हैया यादव हत्याकांड में जेल गया रजा आलम और विक्की कुंडी गुट के बीच लंबे समय से विवाद चला आ रहा है। जेल प्रशासन की शिकायत पर परसुडीह थाना में रजा आलम की मां, निशांत सिंह और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस पूरे मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है।

