उदित वाणी, जमशेदपुर: एमजीएम अस्पताल में मंगलवार देर रात से सेंट्रलाइज्ड एसी सिस्टम बंद रहने के कारण मरीजों, उनके परिजनों के साथ-साथ अस्पतालकर्मियों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। भीषण गर्मी और उमस के बीच आईसीयू, बर्न वार्ड समेत कई महत्वपूर्ण वार्डों की एयर कंडीशनिंग व्यवस्था ठप हो जाने से पूरे अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि बुधवार सुबह से ही अधिकारी और कर्मचारी पानी की व्यवस्था को लेकर लगातार संपर्क साधते नजर आए। अस्पताल में घंटों तक एसी बंद रहने से संवेदनशील वार्डों में भर्ती मरीजों की परेशानी और बढ़ गई।
जानकारी के अनुसार, सबसे अधिक दिक्कत आईसीयू और बर्न वार्ड में भर्ती मरीजों को हुई। चिकित्सकीय मानकों के अनुसार इन वार्डों में नियंत्रित तापमान बनाए रखना अत्यंत आवश्यक होता है, क्योंकि यहां गंभीर अवस्था के मरीज भर्ती रहते हैं। विशेष रूप से बर्न वार्ड के मरीजों के लिए ठंडा एवं स्वच्छ वातावरण उपचार का अहम हिस्सा माना जाता है। इसके बावजूद लंबे समय तक एसी बंद रहने से मरीज बेहाल रहे।
अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, अस्पताल में एक बार फिर पानी की किल्लत उत्पन्न होने के कारण सेंट्रलाइज्ड एसी सिस्टम प्रभावित हो गया, जिससे कई वार्डों की कूलिंग व्यवस्था ठप पड़ गई। रात से लेकर बुधवार दोपहर तक मरीजों और उनके परिजनों को गर्मी और उमस से जूझना पड़ा। कई परिजन हाथ से पंखा झलते दिखाई दिए।
परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि अस्पताल में मूलभूत सुविधाओं की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। उनका कहना था कि गंभीर मरीजों के वार्डों में भी ऐसी स्थिति उत्पन्न होना स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर करता है।
दोपहर करीब साढ़े 12 बजे नगर निगम का पानी का टैंकर पहुंचने के बाद स्थिति में सुधार शुरू हुआ और करीब एक बजे के बाद एसी व्यवस्था बहाल हो सकी। इसके बाद मरीजों और परिजनों ने राहत की सांस ली।
हालांकि, इस घटना ने एक बार फिर एमजीएम अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। गौरतलब है कि अस्पताल में पानी संकट, उपकरणों की खराबी और अव्यवस्थाओं को लेकर पहले भी कई बार शिकायतें सामने आती रही हैं। अब आईसीयू और बर्न वार्ड जैसे संवेदनशील विभागों में एसी बंद होने की घटना ने मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ा दी है।


