उदित वाणी, रांची: झारखंड पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। कुख्यात “झांगुर ग्रुप” के सरगना और ₹5 लाख के इनामी नक्सली रामदेव उरांव ने अपने दो सहयोगियों सुभाष उरांव और प्रसाद उरांव के साथ रांची पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।
पुलिस के अनुसार रामदेव उरांव पर विभिन्न थानों में दर्ज 29 मामलों में वांछित होने का आरोप है। लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियां उसकी तलाश कर रही थीं। आत्मसमर्पण के दौरान रामदेव और उसके साथियों ने पुलिस को दो ऑटोमैटिक हथियार, 45 राउंड जिंदा कारतूस तथा दो मैगजीन भी सौंपे।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले सभी उग्रवादियों से पूछताछ की जा रही है। माना जा रहा है कि इनके आत्मसमर्पण से क्षेत्र में सक्रिय नक्सली गतिविधियों पर प्रभाव पड़ेगा और संगठन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं।
झारखंड पुलिस ने इसे उग्रवाद के खिलाफ अभियान में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।


