उदित वाणी, जमशेदपुर: बारीडीह हाई स्कूल में कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए आयोजित पांच दिवसीय समर स्किल कैंप का शुक्रवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया। 11 मई से 15 मई तक चले इस विशेष कैंप का मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं को (CBSE) स्किल एजुकेशन से संबंधित व्यावहारिक एवं कौशल आधारित शिक्षा प्रदान करना था, ताकि वे किताबी ज्ञान से इतर नए हुनर सीख सकें।
इन 9 हुनरों से सजी थी समर कैंप की वर्कशॉप: रोबोटिक्स से लेकर फोटोग्राफी तक शामिल
इस पांच दिवसीय समर स्किल कैंप में विद्यार्थियों को विभिन्न क्षेत्रों में अपनी छिपी प्रतिभा और कौशल को निखारने का बेहतरीन अवसर मिला। कैंप के दौरान बच्चों को निम्नलिखित कौशल आधारित कार्यक्रमों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया:
फूड एंड बेकिंग: फूड, फूड प्रिजर्वेशन एंड बेकिंग
आर्ट एंड क्राफ्ट: पॉटरी, मास्क मेकिंग एंड ब्लू पॉटरी
हस्तशिल्प: एम्ब्रॉयडरी, हस्तशिल्प एवं ग्राफिक नॉवेल
आधुनिक तकनीक: रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)
स्वास्थ्य एवं सौंदर्य: ब्यूटी एंड वेलनेस
मीडिया व व्यवसाय: मास मीडिया एंड मार्केटिंग
धरोहर व प्रकृति: हर्बल हेरिटेज
क्रिएटिव आर्ट्स: फोटोग्राफी
आपातकालीन चिकित्सा: (When Doctor is Not Around)
विद्यार्थियों में दिखा जबरदस्त उत्साह, व्यावहारिक ज्ञान और टीम वर्क पर रहा जोर
कैंप के दौरान कक्षा 6 से 8 के विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह, असीम ऊर्जा और गहरी जिज्ञासा के साथ सभी विधाओं में भाग लिया। बच्चों की इस सक्रिय भागीदारी से पूरा कार्यक्रम अत्यंत जीवंत और ज्ञानवर्धक बन गया। विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने न केवल व्यावहारिक ज्ञान हासिल किया, बल्कि उनमें रचनात्मकता, टीम वर्क (सामूहिक भावना) और आत्मविश्वास का भी अभूतपूर्व विकास देखा गया।
अंतिम दिन जुटे अभिभावक, बच्चों के हुनर को देख थपथपाई पीठ
समर स्किल कैंप के अंतिम दिन (15 मई) को विशेष रूप से विद्यार्थियों के अभिभावकों को आमंत्रित किया गया था। इस दौरान स्कूल में एक प्रदर्शनी और इंटरैक्टिव सत्र का आयोजन हुआ, जहां अभिभावकों ने बच्चों द्वारा तैयार किए गए कार्यों को देखा, विभिन्न कौशलों को समझा और खुद भी कुछ गतिविधियों में सहभागिता की। अभिभावकों की प्रेरक उपस्थिति ने न सिर्फ नन्हे विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया, बल्कि उनके अभिनव प्रयासों की जमकर सराहना भी की गई।
समर स्किल कैंप का यह सफल आयोजन विद्यार्थियों को कक्षा के बाहर नए कौशल सीखने और भविष्य के लिए रचनात्मक अनुभव प्राप्त करने के लिए प्रेरित कर गया।


