
उदित वाणी, जमशेदपुर : टाटा स्टील ने अपने कर्मचारियों के लिए ‘सुनहरे भविष्य की योजना-4.0’ (एसबीकेवाई-4.0) को संशोधित कर लांच किया है. यह योजना 16 फरवरी 2026 से 31 मार्च 2026 तक प्रभावी रहेगी और जमशेदपुर लोकेशन (ट्यूब्स डिवीजन सहित) के यूनियनकृत कर्मचारियों के लिए उपलब्ध होगी. योजना का उद्देश्य कर्मचारियों को जल्दी सेवानिवृत्ति का विकल्प प्रदान करना है, जिसमें मासिक पेंशन, मेडिकल सुविधाएं, आवास किराया अनुदान और अन्य लाभ शामिल हैं. कंपनी के चीफ पीपल ऑफिसर अत्रयी सान्याल ने इसकी घोषणा की है.
40 साल पार के कर्मचारी ले सकते है इस योजना का लाभ
कंपनी के आंतरिक संचार के अनुसार यह योजना 40 वर्ष से अधिक उम्र के उन कर्मचारियों के लिए है जिन्होंने कंपनी में कम से कम 10 वर्ष की सेवा पूरी की है. इसमें ओल्ड और न्यू ग्रेड सीरीज के कर्मचारी शामिल हैं, लेकिन नई सीरीज में ब्लॉक थ्री और उससे ऊपर के कर्मचारी बाहर हैं. योजना के अंतर्गत निम्नलिखित श्रेणी के कर्मचारी आवेदन कर सकते हैं.
1. वे कर्मचारी जो सरप्लस किए गए हैं या विभाग के स्थायी रोल पर हैं.
2. वे जो पहले एसबीकेवाई या विशेष अलगाव योजना के योग्य थे लेकिन लाभ नहीं उठाया.
3. सभी मिनिस्ट्रियल कैटेगरी के स्थायी कर्मचारी.
4. अन्य स्थायी कर्मचारी केस-टू-केस आधार पर.
मुख्य लाभ:
मासिक पेंशन: कर्मचारी की उम्र के आधार पर अंतिम वेतन (बेसिक + डीए) का 1.0 से 1.2 गुना तक पेंशन मिलेगी. उदाहरण के लिए 40-50 वर्ष तक 1.0 गुना, 50-55 वर्ष तक 1.1 गुना और 55-60 वर्ष तक 1.2 गुना. पेंशन 60 वर्ष की उम्र तक जारी रहेगी. यदि कर्मचारी की मृत्यु हो जाती है, तो पेंशन संयुक्त खाता धारक को मिलेगी.
आवास सुविधा: कंपनी का आवास 6 वर्ष या 60 वर्ष की उम्र तक (जो पहले हो) रखा जा सकता है, लेकिन किराया और बिजली शुल्क चुकाना होगा. वैकल्पिक रूप से 500 रुपये मासिक किराया अनुदान या 25,000 रुपये की एकमुश्त राशि मिल सकती है.
मेडिकल सुविधाएं: सेवानिवृत्ति तक कंपनी अस्पताल में इलाज, उसके बाद मेडिक्लेम पॉलिसी (2 लाख रुपये प्रति वर्ष प्रति व्यक्ति). परिवार (पत्नी/पति, बच्चे, माता-पिता) को भी लाभ.
अन्य लाभ: 20,000 रुपये का एकबारगी विशेष अनुदान, पीएफ, ग्रेच्युटी, टीईपीएस जैसी सामान्य देय राशियां. योजना को ‘जॉब फॉर जॉब’ स्कीम से जोड़ा जा सकता है, जहां कर्मचारी बाद में वार्ड को नौकरी दिलाने के लिए स्विच कर सकते हैं.
आयकर कटौती: पेंशन से आयकर काटा जाएगा, जैसा कि नियमों के अनुसार.
रिक्तियां नहीं भरी जाएगी
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि आवेदन स्वीकार करना प्रबंधन के विवेक पर निर्भर है और इससे होने वाली रिक्तियां नहीं भरी जाएंगी. कर्मचारी बांड वाले मामलों में पूरी राशि चुकानी होगी. योजना का व्यापक प्रचार किया जा रहा है.यह कदम टाटा स्टील की कर्मचारी कल्याण नीति का हिस्सा है, जो कंपनी को कुशल बनाने और कर्मचारियों को सुरक्षित भविष्य प्रदान करने पर केंद्रित है. अधिक जानकारी के लिए कर्मचारी कंपनी के एचआर विभाग से संपर्क कर सकते हैं.

