
उदित वाणी, रांची : रिम्स यानी राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान में आज स्थायी नियुक्ति समिति की महत्वपूर्ण बैठक विकास आयुक्त श्री अजय कुमार सिंह के नेतृत्व में उनके कार्यालय में आयोजित की गई. बैठक में रिम्स के निदेशक डॉ. राजकुमार, डीन डॉ. बी. कुमार, सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. डी. के. सिन्हा, जेनेटिक्स विभागाध्यक्ष डॉ. अनुपा प्रसाद तथा मेडिकल एजुकेशन के डॉ. सुभाशीष सरकार शामिल हुए.
बैठक में रिम्स में असिस्टेंट प्रोफेसर की बहाली प्रक्रिया को लेकर विस्तृत चर्चा की गई. विकास आयुक्त ने निर्देश दिया कि इस तरह की नियुक्ति प्रक्रिया हर वर्ष नियमित रूप से की जानी चाहिए, ताकि शैक्षणिक और चिकित्सकीय सेवाओं की गुणवत्ता बनी रहे.
उन्होंने कहा कि एम्स और देश के अन्य प्रमुख मेडिकल संस्थानों की तर्ज पर रिम्स में भी स्पष्ट और मानकीकृत एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया तय किया जाना चाहिए. साथ ही अभ्यर्थियों को ऑब्जेक्टिव मार्किंग सिस्टम के आधार पर शॉर्टलिस्ट करने पर जोर दिया गया, ताकि चयन प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी हो.
इंटरव्यू प्रक्रिया को लेकर भी नए तरीकों पर विचार किया गया. विकास आयुक्त ने कहा कि साक्षात्कार की प्रक्रिया सरल हो, लेकिन इतनी प्रभावी भी हो कि अभ्यर्थियों का समग्र मूल्यांकन किया जा सके.
इसके अलावा, उन्होंने नॉन-टेक्निकल स्टाफ तथा रिम्स नर्सिंग कॉलेज में प्रिंसिपल की नियुक्ति प्रक्रिया को भी शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि संस्थान के प्रशासनिक और शैक्षणिक कार्यों में कोई बाधा न आए.
इस बैठक को रिम्स में नियुक्ति प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, समयबद्ध और गुणवत्ता-आधारित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

