
उदित वाणी, रांची : राज्य में 23 फरवरी को होनेवाले निकाय चुनाव में मतदान के औसत से अधिक अर्थात 90 प्रतिशत से अधिक मतदान संदेह के घेरे में आएगा. ऐसे बूथों की जानकारी राज्य निर्वाचन आयोग को देने होंगे. इसके साथ ही आयोग की ओर से तय किये गये कुल 11 बिंदुओं पर निर्धारित प्रपत्र में रिपोर्ट भेजने होंगे.
मतदान के दिन उपायुक्त सह जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को हर दो घंटे पर अपनी रिपोर्ट राज्य निर्वाचन आयोग को भेजने होंगे. पहले प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाची पदाधिकारी इसकी रिपोर्ट अपने जिला निर्वाचन पदाधिकारी को देंगे. जिसके आधार पर जिला निर्वाचन पदाधिकारी रिपोर्ट आयोग को भेजेंगे. रिपोर्ट में मौसम से लेकर मतदान के बहिष्कार तक की जानकारी देने होंगे.
आयोग द्वारा इसे लेकर जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर दिया गया है. इसके तहत मतदान के दौरान हिंसा, उत्पात, प्राकृतिक आपदा या अन्य कारणों से मतदान में रुकावट की जानकारी स्पष्ट रूप से देने होंगे. किसी तरह की गड़बडी के कारण मतदान प्रभावित होने की भी जानकारी शामिल करना पड़ेगा.
वहीं कहा गया है कि मतदान तब दूषित माना जाएगा, जब पीठासीन पदाधिकारी से बैलेट बॉक्स या बैलेट पेपर को गैर कानूनी ढंग से छीन कर ले जाया गया हो या जान बूझकर या अनजाने में उसमें छेड़छाड़ किया गया हो. बैलेट बॉक्स या बैलेट पेपर को नष्ट करना या इसके लिए प्रयास करना या गायब कर देना भी मतदान प्रक्रिया को दूषित होना माना जाएगा. किसी व्यक्ति या समूह द्वारा बैलेट बॉक्स में गैरकानूनी ढंग से या बलपूर्वक वोटिंग किया जाना या मतदान केंद्र पर कब्जा किया जायेगा, तो इसकी भी जानकारी आयोग को त्वरित देने होंगे.
चुनाव प्रक्रिया के दौरान कोई गंभीर आरोप लगने या शिकायत किए जाने, विधि व्यवस्था भंग होने की भी जानकारी भी रिपोर्ट भी तत्काल भेजने होंगे. मतदान प्रक्रिया के दौरान पोलिंग पार्टी द्वारा की गई वैसी गलतियां या अनियमितताएं जिनसे निर्वाचन कार्य गंभीर रूप से प्रभावित हुआ हो तो इसकी भी जानकारी रिपोर्ट में देनी होगी.

