
धीरज ने कहा-मेरा मकसद यूनियन में रहना नहीं, कर्मचारियों के हित को सुरक्षित रखना है. घमंड और अंत में ज्यादा का अंतर नहीं होता
उदित वाणी, जमशेदपुर: टाटा कमिंस में लंबित ग्रेड को लेकर कर्मचारियों में रोष किस कदर बढ़ रहा है, इसकी ताजा मिसाल सोमवार को दिखी, जब यूनियन के अध्यक्ष दीप्तेन्दू चक्रवर्ती ने बौखलाहट में आकर यूनियन के पूर्व पदाधिकारी धीरज सिंह को यूनियन की सदस्यता से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया.
धीरज का निष्कासन केवल इस आधार पर किया कि उन्होंने कंपनी के कर्मचारियों के एक प्राइवेट व्हाट्स अप ग्रुप में ग्रेड की अवधि पर कमेंट किया था. निष्कासन पर कंपनी के कर्मचारियों में जबर्दस्त रोष है और उन्होंने इस यूनियन को कर्मचारी विरोधी बताया. कर्मचारियों को कहना है कि इसका खामियाजा दीप्तेन्दू एंड टीम को भुगतना पड़ेगा.
इस बारे में पूछे जाने पर धीरज कुमार सिंह ने बताया कि उन्हें निष्कासन की जानकारी तक नहीं दी गई. उनके पर्सनल मेल और डाक के जरिए निष्कासन पत्र को भेजा गया है.
मेरे को फर्क नहीं पड़ता, ग्रेड तीन का साल को हो-धीरज सिंह
धीर कुमार सिंह ने साफ कहा कि उन्हें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. वे चाहते हैं कि कर्मचारियों का ग्रेड तीन साल के लिए हो. बकौल सिंह, मेरा मकसद कर्मचारियों के पक्ष में खड़ा होना है.
मैंने कमेंट करके कोई गलत काम नहीं किया. इस यूनियन के खिलाफ सारे कर्मचारी है. यह यूनियन मनमाने तरीके से काम करना चाहती है, लेकिन कर्मचारी यह होने नहीं देंगे और उन्हें तीन साल का ग्रेड करना होगा. घमंड और अंत में ज्यादा का अंतर नही होता.
क्या है मामला
पिछले बुधवार को कर्मचारियों के एक व्हाट्स अप ग्रुप में धीरज कुमार सिंह ने ग्रेड की अवधि को चार साल किए जाने पर कमेंट किया था. इस कमेंट पर यूनियन ने धीरज को कारण बताओ नोटिस जारी किया.
जब धीरज ने नोटिस नहीं लिया तो डाक से घर पर नोटिस भेज दिया गया. इसकी जानकारी मिलते ही कंपनी के कर्मचारियों ने दो रोज पहले यूनियन अध्यक्ष दीप्तेन्दू चक्रवर्ती को घेरा और उनसे इसके बारे में जानकारी ली. जब चक्रवर्ती ने जवाब नहीं दिया, तो कर्मचारियों ने भला बुरा कहा.
उन्होंने कहा कि जीतने के बाद कर्मचारियों के हित में काम करने की बजाय, प्रबंधन के लिए काम कर रहे हो. इससे बौखलाए दीप्तेन्दू ने सोमवार को धीरज को यूनियन की सदस्यता से छह साल के लिए बाहर करने का आदेश जारी कर दिया.
क्या है पत्र में
यूनियन अध्यक्ष दीप्तेन्दू चक्रवर्ती ने धीरज कुमार सिंह को पत्र लिखकर यूनियन की सदस्यता से छह साल के लिए निष्कासित किया है. पत्र में कहा गया है कि आप पर लगे आरोपों का जवाब आपने 72 घंटे के अंदर नहीं दिया. इससे साफ है कि आपने अपने ऊपर लगे आरोप को स्वीकार किया है. ऐसे में आपको यूनियन की सदस्यता से छह साल के लिए निष्कासित किया जाता है.
एक साल से लंबित है ग्रेड
टाटा कमिंस का ग्रेड पिछले साल एक अप्रैल से लंबित है. यूनियन की नई टीम सत्ता में आने के बाद कर्मचारियों को विश्वास दिलाई थी कि वह न केवल बेहतर ग्रेड कराएगी बल्कि मेडिकल जैसी सुविधाओं में बढ़ोतरी करेगी.
लेकिन सूत्रों का कहना है कि बिना कर्मचारियों को विश्वास में लिए नई टीम ने ग्रेड की मियाद तीन साल की बजाय चार साल करने पर राजी हो गई है, जिसका कर्मचारियों की ओर से पूरा विरोध हो रहा है.


