
उदित वाणी, जमशेदपुर: टाटा स्टील लांग प्रोडक्ट्स की सुपर-30 पहल ने गम्हरिया की आशी कुमारी के सपने को पंख दिया है. आशी, सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया ब्लॉक में रहती हैं. उसके पिता जेनरल स्टोर चलाते हैं जबकि मां गृहिणी है.
मुश्किल से गुज़ारा करने वाले आशी के पैरेन्ट्स के लिए अपने बच्चों को बढ़ाना आसान नहीं था. आशी को बचपन से ही नृत्य करने का शौक था, लेकिन अपनी प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए उसके पास कोई जरिया नहीं था. हाल की महामारी से बढ़ी गरीबी ने आशी और उसके परिवार की स्थिति को और भी बदतर बना दिया.
आशी की मां यशोदा बताती है कि हमारी बेटी एक प्रतिभाशाली नर्तकी है और हम हमेशा चाहते थे कि वह उसे जारी रखे. मगर कमजोर आर्थिक स्थिति के चलते बेटी को कॉलेज में प्रवेश दिलाने पर विचार करना भी मुश्किल बना था.
महामारी ने हमारी स्थिति को और खराब कर दी. तभी टाटा स्टील लॉन्ग प्रोडक्ट्स की पहल सुपर-30 के बारे में जानकारी मिली. सरायकेला-खरसावां जिले में संचालित सुपर-30 पहल कला, शिल्प, नृत्य, संगीत, खेल और अन्य सह-पाठ्यचर्या में समग्र समर्थन के साथ युवतियों को सशक्त बनाने पर ध्यान केंद्रित करती है, जो सफलता के विभिन्न द्वार खोलने और किसी के विकास के लिए आवश्यक है.
आशी की प्रतिभा को सुपर 30 पहल के तहत पहचाना गया और अब वह दिल्ली कथक केंद्र में प्रशिक्षण ले रही है.

